VS में विपक्ष का हंगामा,यूपी में कानून व्यवस्था में सुधार,साम्प्रदायिक सद्भाव कायम रखने में सरकार रही सफल-नाईक

लखनऊ, एक ओर जहां समूचा विपक्ष कानून-व्यवस्था और कासगंज की साम्प्रदायिक हिंसा को लेकर सूबे की योगी सरकार के खिलाफ विधानसभा में हंगामा किया तो वहीं प्रदेष के राज्यपाल राम नाईक ने सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ बनाने एवं साम्प्रदायिक सद्भाव बनाये रखने में सफल रही है।
उप्र विधानमण्डल के बजट सत्र की गुरूवार को आषंकाओं के अनुरूप हंगामी शुरूआत हुई। चूंकि यह नए साल का पहला सत्र था इसलिए राज्यपाल को दोनों सदनों (विधान परिषद एवं विधानसभा) को समवेत रूप से संयुक्त बैठक में सम्बोधित करना था। राज्यपाल के सदन में आते ही प्रमुख विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस के सदस्यों ‘राज्यपाल वापस जाओ’, ‘लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी’, ‘कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, योगी बाबा मस्त है’ जैसे नारे लगाने लगे। लेकिन शोरगुल, हंगामें और व्यवधान के बीच ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण शुरू किया। राज्यपाल नाईक ने 38 पृष्ठों के अपने अभिभाषण को एक घण्टा 25 मिनट तक पढ़ा। इस दौरान नारेबाजी जारी रही और कुछ सदस्यों ने राज्यपाल को लक्ष्य बनाकर कागज के गोले भी फेंके। विपक्षी सदस्यों ने अपने हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखे पम्फलेट, बैनर आदि पकड़ रखे थे। सपा के कुछ उत्साही सदस्यों ने अभिभाषण के दौरान अध्यक्ष पीठ के ओर चढ़ने का भी प्रयास किया लेकिन विधानसभा रक्षकों ने उनके प्रयास को विफल कर दिया। हंगामे के बीच जब राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके गए तो उन्होंने विपक्षी सदस्यों को नसीहत देते हुए कहा कि आप सभ्य समाज के प्रतिनिधि हैं, उसके अनुरूप ही व्यवहार करें। लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा जारी रखा। आलू किसानों की समस्याओं को दर्षाने के लिए सपा के दो सदस्यों ने आलू की माला तक पहन रखी थी।

अपने सम्बोधन में राज्यपाल नाईक ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में अपराध मुक्त, भयमुक्त एवं अन्यायमुक्त वातावरण का सृजन करते हुए कानून का राज स्थापित किया गया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विभिन्न आपराधिक एवं माफिया तत्वों के विरूद्ध विधि सम्मत प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार प्रदेश में गुंडों, माफियाओं और अराजक तत्वों को प्रभावी ढंग से न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाकर कानून का राज स्थापित करने के लिए कृत संकल्पित है। इस संकल्प को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए थानों की कार्य प्रणाली में आमूल चूल बदलाव लाते हुए फरियादियों की समस्याओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रथम सूचनाओं का शत प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नयी सरकार के गठन के पश्चात कानून व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए किये गये प्रयासों के सकारात्मक परिणाम परिलक्षित हुए हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हर जिले में महिला सम्मान प्रकोष्ठ बनाकर विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पढने वाली छात्राओं, कामकाजी महिलाओं तथा बाजार, रेलवे स्टेशन, बस अडडों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आने जाने वाली महिलाओं को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए जिलों में ‘एंटी रोमियो दल’ बनाकर महिलाओं से छेडछाड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के फोन पर असामाजिक तत्वों द्वारा अश्लील एसएमएस तथा अवांछनीय फोन काल किये जाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी जिलों में ‘एंटी आब्सीन काल सेल’ का गठन किया गया है। राज्यपाल ने कहा कि भू माफियाओं पर कार्रवाई के लिए ‘एंटी भू माफिया टास्क फोर्स’ बनायी गयी है। पुलिस बल में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए वांछित संख्या में पृथक महिला बटालियनों के सृजन का संकल्प सरकार ने लिया है। इसके लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान एक महिला बटालियन बनाने का लक्ष्य तय है। उन्होंने कहा कि गुंडों एवं संगठित अपराध पर लगाम लगाने के मकसद से कुछ अन्य प्रदेशों की तर्ज पर ‘उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (यूपीकोक) विधानमंडल के विचाराधीन है। यह कानून लागू होने के बाद संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ साथ अवैध संपत्तियों को जब्त किया जा सकेगा। नाईक ने कहा कि भू माफियाओं के खिलाफ अभियान के तहत अब तक 53, 584 हेक्टेअर क्षेत्रफल अतिक्रमण मुक्त कराया गया है तथा 1426 भू माफिया चिन्हित किये गये हैं। उनके खिलाफ संगत आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को शीघ्र न्याय दिलाने के मकसद से वाणिज्यिक विवादों के जल्द निस्तारण के लिए प्रदेश के 13 जिलों में ‘कमर्शियल कोर्ट’ का गठन किया गया है। प्रदेश के 24 जिलों में लोक अदालतें स्थापित करने का फैसला किया गया है। कृषि क्षेत्र की चर्चा करते हुए नाईक ने कहा कि किसानों से धान खरीद बिना बिचैलियों के सीधे की जा रही है। क्रय केन्द्रों से 4,59,828 किसानों से 39.80 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है जिसके सापेक्ष 6164 करोड रूपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। धान खरीद का लक्ष्य 50 लाख मीट्रिक टन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि खरीदे गये गेहूं के सापेक्ष 8,00,646 किसानों को देय समर्थन मूल्य के रूप में 6011.15 करोड रूपये का भुगतान किसानों के बैंक खातों में सीधे किया गया है। नाईक ने कहा कि वर्तमान पेराई सत्र 2017-18 में गन्ना मूल्य का त्वरित भुगतान सुनिश्चित कराया गया। अब तक कुल 8600 करोड रूपये का भुगतान किया जा चुका है जो गत सत्र के सापेक्ष 2785 करोड रूपये अधिक है। उन्होंने बताया कि राज्य के हर खेत में पानी पहुंचाने के लिए 20 हजार करोड रूपये के कोष के साथ मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई फंड बनाया जाएगा। बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त इलाकों तक सिंचाई योजनाओं को पहुंचाने के लिए इस फंड में राशि का अलग से प्रावधान किया जाएगा।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में 21 और 22 फरवरी को होने वाली ‘यूपी इन्वेस्टर्स समिट’ की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि निवेश प्रोत्साहन एवं ब्रांड उत्तर प्रदेश की मार्केटिंग सुनिश्चित किये जाने के मकसद से तथा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश केन्द्र के रूप में प्रस्तुत किये जाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन’ की कार्ययोजना बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ‘मनसा, वाचा, कर्मणा’ ’सबका साथ सबका विकास’ के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णयों एवं नीतियों का सकारात्मक परिणाम प्रदेश की जनता को महसूस हो रहा है। सरकार के निर्णयों से पहली बार लोगों को एहसास हो रहा है कि यह आम जन की सरकार है। नाईक ने कहा कि सरकार का मकसद नीतियों एवं योजनाओं का लाभ समाज के निचले स्तर तक पहुंचाना है ताकि समाज के सभी वर्गों का आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक एवं सर्वांगीण विकास हो सके। नाईक ने बिजली, सौर उर्जा, चिकित्सा, आयुष, आवास, मेट्रो रेल, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार सृजन, बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल के विकास की योजनाओं, सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम प्रोत्साहन, एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम, कौशल विकास मिशन, स्कूली बच्चों को दी गयी मदद, सामूहिक विवाह योजना, शिक्षा, पशु आरोग्य शिविर, पशु मेले, गौशालाओं के संरक्षण, गोवंश के भरण पोषण और प्रयाग में होने वाले कुंभ मेले का विशेष रूप से उल्लेख किया। अंत में उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे दलीय निष्ठा से उपर उठकर विस्तृत विचार विमर्श कर सरकार का सहयोग करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *