भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रेरणा संवाद के बाद विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने लक्ष्य तय करने, समय का प्रबंधन करने, पढ़ाई के लिये दिनचर्या तय करने, स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अच्छे नंबर लाने का तनाव दूर करने के तरीकों से संबंधित सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने एक शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों के मामा के रूप में सहजता के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया।
सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र अंकित पटेल ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिये कोई लक्ष्य तय किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने गाँव में बचपन में खेती और मजदूरों का मेहनताना बढ़ाने के लिये किये आंदोलन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अन्याय को किसी भी रूप में सहना सही नहीं है। उन्होने कहा कि किसी भी काम के प्रति लगन और प्रतिबद्धता जरूरी है, यही काम आती है। डी.ए.वी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी.नगर की कॉमर्स संकाय की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री दिपांशी पांडे ने स्कूलों में विद्यार्थियों की विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा के संबंध में सवाल किये। मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को सुदृढ़ किया गया है। छात्रावासों में प्रवेश द्वार पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाये जा रहे हैं। छात्रावास आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है।मुख्यमंत्री ने सफलता के अमूल्य मंत्र बताते हुये कहा कि सबसे जरूरी है – आत्मविश्वास क्योंकि आत्मविश्वास से शक्ति मिलती है और अपनी क्षमता पहचानने का ज्ञान बढ़ता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुये कहा कि हर विद्यार्थी में भरपूर क्षमता और प्रतिभा है। सिर्फ इसे पहचानकर आगे लाने की आवश्यकता है। उन्होंने तुलसीदास द्वारा रामायण की रचना करने और महाकवि कालिदास का उदाहरण देते हुये कहा कि इन दो महान व्यक्तियों में भरपूर क्षमता और प्रतिभा थी। जिसे उन्होंने स्वयं पहचाना और आज पूरी दुनिया उनका साहित्य पढ़ती है।
पढाई करो चिंता छोडो,कोचिंग सेंटर के आस-पास लगेंगे सीसीटीवी कैमरे