कासगंज हिंसा पर राज्यसभा में हंगामा, विपक्ष ने बताया सरकारी दंगा

नई दिल्ली,लोकसभा में गुरुवार को मोदी सरकार ने आखिरी बजट पेश किया गया था। लोकसभा की कार्यवाही में आज भाजपा सांसद चिंतामणि वनागा के निधन के कारण स्थगित है लेकिन राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कासगंज हिंसा को लेकर सदन में उठा। सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कार्यवाही शुरू होते ही कासगंज का मुद्दा उठाया। इस मसले को लेकर विपक्ष के नेता वेल तक पहुंच गए। सदन में शोरगुल के बाद कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित की गई है। सपा सांसद ने इसे सरकारी दंगा बताया और कहा कि जान बुझकर इस हिंसा को भड़काया गया। इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि गणतंत्र दिवस पर जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। कासगंज के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने मामले में दोषियों को सजा देने के साथ-साथ किसी के साथ अन्याय न करने की बात कही। गौरतलब है कि कासगंज हिंसा के मुख्य आरोपी सलीम को जेल भेजे जाने से पहले हुई पूछताछ में उसने बताया कि अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन पर उसके भाइयों वसीम और नसीम ने भी गोली चलाई थी। उसने यह भी कुबूल किया है कि चंदन को उसकी (सलीम की) गोली लगी थी। पुलिस ने अब वसीम व नसीम की तलाश और तेज कर दी है। उसने यह भी बताया है कि उनके घर में पहले से ही तमंचे, पिस्तौल, बम और कारतूस रखे हुए थे। सलीम बुधवार को कासगंज के हजारा नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। शाम को ही उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उससे तमंचा बरामद किया। उसके घर से पिस्तौल और देसी बम तलाशी के दौरान मिले थे।

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