मुरैना,एक नाबालिग से शादी करने के चक्कर में अधेड उम्र के सरपंच को अपनी कुर्सी गंवाना पड गई। करीब 56 साल का सरपंच 13 साल की नाबालिग बालिका से शादी रचाने के सपने देख रहा था। इसके लिए उसने पूरी तैयारी भी कर ली थी। जिला प्रशासन ने हिंदू मैरिज एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के उल्लंघन पर यह कार्रवाई की है। सरपंच अब 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ सकता। अब उस पंचायत में नए सिरे से चुनाव होंगे। जिले की कैलारस जनपद पंचायत की बहरारा जागीर ग्राम पंचायत के सरपंच जगन्नाथ गुर्जर ने एक नाबालिग बालिका से शादी की भव्य तैयारियां की थीं। सरपंच ने दुल्हन को घर लाने के लिए प्रशासन से हेलिकॉप्टर उतारने की अनुमति ले रखी थी।
शादी वाले दिन 11 दिसंबर को अचानक प्रशासन को कहीं से भनक लगी और प्रशासन ने बुजुर्ग सरपंच के अरमानों पर पानी फेर दिया। प्रशासन ने आनन-फानन में अधेड सरपंच की शादी रुकवा दी। इसके बाद सबलगढ़ एसडीएम ने जिला पंचायत सीईओ को प्रतिवेदन दिया, जिसमें बताया गया कि सरपंच पहले से ही शादीशुदा है और पत्नी जीवित है। जिस लड़की से शादी की जा रही है, वह 13 साल से ज्यादा नहीं थी। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ सोनिया मीणा ने पंचायती राज अधिनियम की धारा 40(क) की उपधारा 3 के तहत सरपंच को नोटिस जारी दिया और पद समाप्त करने की कार्रवाई कर दी।
पत्नी के जीवित रहते सरपंच रचा रहा था 13 साल की बालिका से शादी,शादी तो हो नहीं पाई और सरपंची भी चली गई