इंदौर,वरिष्ठ नेता शरद यादव ने केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया तथा उसे हर मोर्चे पर विफल बताया। सांझा विरासत के माध्यम से विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने निकले शरद यादव ने इंदौर में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि देश के युवाओं को रोजगार ओर किसानों को उसकी फसल का उचित मूल्य देने जैसे वादों के दम पर सरकार बनाने वाली केंद्र की मोदी सरकार ने वादों को पूरा नही किया है, जिससे देश के युवा और किसान परेशान है। देश मे तनाव की स्थिति निर्मित हुई है। गुजरात चुनाव को लेकर शरद यादव ने आरोप लगाया कि गुजरात में भाजपा ने सरकारी तंत्र का उपयोग व्यापारियों को डराने के लिए किया, जिसके कारण वहां के चार बड़े शहरों के व्यापारियों ने भाजपा को वोट दिए। गुजरात में भाजपा की चार जगह अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और बडौदा में ही जीत हुई है। वहां सरकार ने जो किया वो क्या बताऊँ। वैसे सरकार के पास जो हथियार होते हैं, सीबीआई, ईडी, इन्कमटैक्स ये बहुत धारदार तलवारे हैं। इनसे व्यापारी बहुत डरता है।
वर्तमान हालात को देश के लिए खतरा बताते हुए शरद यादव ने कहा कि यह देश के लिए विकट स्थिति है और समस्याए लगातार विकराल रूप ले रही है। उत्तर प्रदेश में ताजमहल और कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती को लेकर हुए विवाद पर भी शरद यादव ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि देश में भय का वातावरण बना हुआ है। शरद यादव ने पुराने एनडीए और वर्तमान एनडीए में भी फर्क समझाते हुए कहा कि पुराने एनडीए में जनता से जुड़े एजेंडे होते थे लेकिन वर्तमान एनडीए में केवल नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही एजेंडा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर संविधान के दायरे के बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग को अपनी छवि बचाए रखने की सलाह भी दे दी और कहा कि देश की जनता के मन में इवीएम को लेकर यदि भ्रम की स्थिति बनी है तो चुनाव आयोग को उसे दूर करना चाहिए। चारा घोटाले में जेल भेजे गए लालू प्रसाद यादव पर उन्होंने ज्यादा बोलने से इनकार करते हुए सिर्फ यही कहा कि लालू प्रसाद यादव को ऊपरी कोर्ट में अपील करना चाहिए। वहीं गुजरात चुनाव में भाजपा को मिली जीत पर भी शरद यादव ने अपनी राय जाहिर की। शरद यादव के अनुसार गुजरात मे भाजपा को पूरे राज्य ने नकार दिया और केवल चार शहरों में ही भाजपा की जीत हुई है।
केन्द्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर रही विफल: शरद यादव