देहरादून, राज्यपाल ने डाॅ. कृष्ण कांत पाल कहा है कि पुलिस व खेलों में गहरा संबंध है। खेलों से लीडरशिप, धैर्य, साहस व अनुशासन जैसे गुणों का विकास होता है। उन्होंने कहा की राज्य व केंद्रीय पुलिस बलों के खिलाड़ियों ने सदैव देश का गौरव बढ़ाया है। राज्यपाल ने आज 66 वीं अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का शुभारम्भ किया।
उत्तराखण्ड में पहली बार यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, राज्यपाल ने कहा कि विश्व स्तर पर पुलिस में खेलों को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि वल्र्ड पुलिस गेम्स का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2017 में लाॅस एंजिल्स में आयोजित वल्र्ड पुलिस गेम्स में भारत का सराहनीय प्रदर्शन रहा था। पुलिस की ड्यूटी बहुत सख्त होती है। इसलिए पुलिस में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आॅल इण्डिया स्पोर्ट्स बोर्ड का गठन किया गया। भारत में अपने संवैधानिक कर्तव्य निभाने के साथ-साथ विभिन्न पुलिस बलों का खेलों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय स्तर के अनेक खिलाड़ियों ने पुलिस बलों से उभर कर देश का नाम रोशन किया है। फुटबाॅल, एथलेटिक्स, हाॅकी सहित विभिन्न खेलों में राज्य व केंद्रीय पुलिस बलों के खिलाड़ी भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने कहा कि आशा करता हूॅ कि इस चैम्पियनशिप में भी खिलाड़ी कई कीर्तिमान बनाकर देश को ख्याति दिलायेगें। अपर पुलिस महानिदेशक व आयोजन सचिव अशोक कुमार ने बताया कि कि इस चैम्पियनशिप में देशभर के राज्यों व केंद्रीय पुलिस संगठनों की 32 टीमों के कुल 1119 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। इसमें 275 महिला खिलाड़ी भी प्रतिभाग कर रही हैं। कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, विधायक खजानदास व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून में पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की शुरुआत