कृषि शिक्षा बजट में 2013-14 की तुलना में 47.4 प्रतिशत की हुई वृद्धि: मंत्री राधामोहन

नई दिल्ली , केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों से लेकर नौजवानों को कृषि शिक्षा के प्रति आकर्षित करना हमारा मुख्य उद्देश्य है| उन्होंने कहा कि इसी क्रम में भारत सरकार ने कृषि से संबंधित अनेक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाना शुरू किया हैं ताकि कृषि का समग्र और तीव्र गति से विकास हो | श्री सिंह ने यह बात आज राष्ट्रीय कृषि शिक्षा दिवस, (3 दिसम्बर, 2017) के अवसर पर डा. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर, बिहार में कही। कृषिमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने दो वर्ष पूर्व 3 दिसंबर को राष्ट्रीय कृषि शिक्षा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया क्योंकि आज ही के दिन हमारे प्रथम केंद्रीय कृषि मंत्री व पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद जी का जन्मदिवस पड़ता है। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा दिवस का भव्य आयोजन गत वर्ष से हमारे कृषि विश्वविद्यालयों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सभी संस्थान करते आ रहें है| भारत सरकार ने कृषि में दीर्घकालीन व स्थाई प्रगति के लिए कृषि शिक्षा, शोध एवं प्रसार को सुदृढ़ करने की दिशा में कई कार्यक्रमों का कार्यान्वयन शुरू किया है| नई तकनीकों के विकास के साथ कृषि प्रवृत्तियों में प्रतिदिन परिवर्तन हो रहे हैं। उन्नत प्रौद्योगिकियों का अधिकतम उपयोग करने के लिए यह जरूरी है कि कृषि शिक्षा का पर्याप्त सुदृढ़ीकरण किया जाए। केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि आईसीएआर ने उच्च कृषि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई नए कार्यक्रम आरंभ किए हैं | इसके अंतर्गत भारत सरकार ने इस वर्ष कृषि शिक्षा बजट में वितीय वर्ष 2013-14 की तुलना में 47.4 प्रतिशत की वृद्धि की है। उच्च कृषि शिक्षा में गुणवत्ता व समग्र दृष्टिकोण अपनाने के लिए पांचवी डीन समिति रिपोर्ट सभी कृषि विश्वविद्यालयों में लागू किया है। इस नये पाठ्यक्रम के माध्‍यम से कृषि आधारित समस्‍त स्‍नातक कोर्स पहली बार प्रोफेशनल कोर्स की श्रेणी में तब्‍दील किये हैं जिससे कृषि स्‍नातकों को भविष्‍य में प्रोफेशनल कार्य से नौकरी मिलने में मदद मिलगी। कृषि स्नातकों को इसके पेशेवर डिग्री घोषित करने से अधिक लाभ मिलेगा क्योकि यह डिग्री अब अभियांत्रिक डिग्री के समक्ष हो गई है। उन्होंने कहा कि कृषि स्नातकों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का अधिक अवसर मिलेगा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *