रांची, झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर 12 साल की दुष्कर्म पीड़िता का रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रिम्स में गायनिक वार्ड की विभागाध्यक्ष डॉ. अनुभा विद्य्नार्थी की देखरेख में गर्भपात कराया गया। गर्भपात के बाद बच्ची की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।
इस संबंध में रिम्स अधीक्षक डॉ. एस.के.चौधरी ने बताया कि गर्भपात के बाद बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर है। फिलहाल दो-तीन दिनों तक बच्ची को चिकित्सकों की देखरेख में ही रखा जाएगा। इसके बाद ही अस्पताल से छुट्टी को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट में दुष्कर्म पीड़िता की मां 23सप्ताह के गर्भ को गिराने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी, मेडिकल एक्ट के अनुसार सामान्य रुप से इतने दिनों के गर्भ को गिराने की अनुमति नहीं दी जाती है, लेकिन विशेष परिस्थिति में पीड़िता की ओर से इस संबंध में अदालत में याचिका दायर की गयी थी। दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों की ओर से दायर याचिका पर रविवार की शाम को उच्च न्यायालय की विशेष खंडपीठ में इसकी सुनवाई हुई थी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की रिपोर्ट के बाद अदालत ने पीड़िता का गर्भपात कराने की इजाजत दी। साथ ही सरकार को पीड़िता के इलाज का खर्च वहन करने का निर्देश दिया गया है। अदालत के निर्देश पर सोमवार को ही पीड़िता को रिम्स में भर्त्ती कराया गया था।
हाईकोर्ट के आदेश से 12 साल की दुष्कर्म पीड़िता का गर्भपात