CM ने अजय सिंह के खिलाफ मानहानि मामले में पत्नी संग अदालत में दर्ज कराये बयान

भोपाल,कांगेस के सीनियर लीडर और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में बुधवार दोपहर को पत्नी साधना सिंह के साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान बुधवार को सीजेएम कोर्ट पहुंचे। यहां दोनों ने नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में अपने बयान दर्ज कराए। गौरतलब है कि सीएम और उनकी पत्नी ने अजय सिंह राहुल पर एक करोड़ की मानहानि का दावा किया है। मानहानि मामले में सिंह दंपति का आरोप है कि, 9 मई 2013 को सागर में आयोजित जनक्रांति जनसभा को संबोधित करते हुए अजय सिंह ने साधना सिंह पर कई आपत्तिजनक बयान दिए थे। सिंह दंपति का आरोप है कि, अजय सिंह ने ये आरोप सिर्फ वोट बैंक को आकर्षित करने के लिए लगाए थे। इसके बाद 4 जून 2013 को खरगौन में भी अजय सिंह ने आपत्तिजनक बयानबाजी की थी। दोनों ही बयानों को मानहानि के दायरे में बताते हुए सिंह दंपति ने भोपाल की जिला अदालत में मुकदमा दायर किया था। न्यायिक दण्डाधिकारी ने 10 अक्टूबर 2013 को अजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अजय सिंह ने 16 जुलाई 2014 को मामले पर जमानत भी कराई। इसके खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की गई, जिसके 16 जुलाई 2016 को खारिज होने पर यह मामला हाईकोर्ट में दायर किया गया। याचिका में आधार लिया गया था कि बिना किसी ठोस सबूत के मात्र अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर मानहानि का मुकदमा चलाया जाना अनुचित है। इन आधारों पर मुकदमा खारिज किए जाने की राहत इस पुनरीक्षण याचिका में चाही गई थी। बुधवार को कोर्ट पहुंचे सीएम शिवराज सिंह और उनकी पत्नी साधना सिंह ने अपने बयान दर्ज कराये। कोर्ट कार्यवाही के बाद बाहर आये मुख्यमंत्री ने मीडिया में चर्चा के दौरान कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और मैं भी मर्यादा से बंधा हूं इसलिए इसे लेकर कोई टिप्पणी नहीं करूगां। कार्यवाही के दौरान कांग्रेसी नेता केके मिश्रा और चंद्रिका प्रसाद भी अदालत पहुंचे जहां केके मिश्रा ने सरकार पर राजनैतिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी अजय सिंह के साथ है।दरअसल, सीएम शिवराज और उनकी पत्नी साधना ने उन पर मानहानि का दावा लगाया था। जिसमें दोनों ने अजय सिंह पर करीब एक करोड़ रुपए का मानहानि का दावा पेश किया था। इस मामले में सीजेएम राकेश शर्मा की कोर्ट में सीएम के बयान दर्ज किए जा रहे है। भोपाल की जिला अदालत में सुनवाई चल रही है। चुनाव के दौरान अजय सिंह ने मुख्यमंत्री की पत्नी को नोट गिनने की मशीन की उपाधि दी थी , जिस पर सीएम और उनकी पत्नी ने नेता प्रतिपक्ष पर एक करोड़ का मानहानि दावा पेश किया था। कानून के अनुसार ऐसे मामलों में अपराध सिद्ध होने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। हालांकि शिवराज ने वकील के माध्यम से माफी मांगने का प्रस्ताव भी अजय सिंह के सामने रखा था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था।
गौरतलब है कि अजय सिंह ने सागर में 9 मई 2013 को कहा था कि शिवराज सिंह चौहान गुटके की कालाबाजारी करते हैं और उनका पैसा साधना सिंह की पैसों की मशीन पर गिना जाता है। 4 जून 2013 को खरगोन में उन्होंने साधना सिंह को नोट गिनने की मशीन कहा था, जिससे आहत होकर सीएम चौहान और साधना सिंह ने सीजेएम कोर्ट में 10 अक्टूबर 2013 को मानहानि की मुकदमा दायर किया था। 10 अक्टूबर 2014 को अजय सिंह ने सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जिसे न्यायधीश काशीनाथ सिंह ने 16 जुलाई 2016 को खारिज कर दिया था।आज इसी मामले की सुनवाई के लिए सीएम और उनकी पत्नी साधना सिंह कोर्ट पहुंचे थे ।

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