गुरूग्राम,गुरूग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न मर्डर केस में गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक कुमार और रेयान के रीजनल हेड फ्रांसिस थॉमस, एचआर हेड जॉयस थॉमस को गुरुग्राम के स्पेशल पॉक्सो कोर्ट नंबर 6 में पेश किया गया। कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के एसीपी को इस केस के संबंध में अधूरे दस्तावेज पेश करने पर फटकार लगाते हुए कहा कि पूरे दस्तावेज के साथ रिपोर्ट पेश करें। वहीं, रेयान स्कूल के अफसरों फ्रांसिस थॉमस और जॉयस थॉमस ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि उनका काम स्कूल से संबंधित दस्तावेज़ीकरण करना है। इस मर्डर केस से उनका कोई लेना-देना नहीं है। मुख्य आरोपी अशोक कुमार ने कोर्ट में कहा कि पुलिस हिरासत के दौरान उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया है।
वारदात से ठीक पहले आरोपी कंडक्टर अशोक स्कूल के टॉयलेट में हस्तमैथुन कर रहा था। इससे पहले ताइक्वांडो के 3 स्टूडेंट्स और माली वहां गए थे। उनके जाने के बाद आरोपी फिर से वही हरकत कर रहा था। तभी प्रद्युम्न ठाकुर वहां पहुंच गया। अशोक ने उसे टॉयलेट में खींच लिया। उसके साथ गलत काम करने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद प्रद्युम्न शोर मचाने लगा। विरोध करने लगा। इससे घबराकर अशोक ने चाकू निकाला और बच्चे की गर्दन पर एक के बाद एक, दो वार किए। इससे प्रद्युम्न की गर्दन से खून की धारा फूट पड़ी। इस दौरान खून के कुछ धब्बे अशोक के ऊपर भी आ गए। वह टॉयलेट से बाहर निकल गया। तभी कुछ छात्र आए और उन्होंने उसे देखा तो शोर मचा दिया। तकरीबन आधे घंटे तक आरोपी अशोक कुमार खून से सने कपड़ों में घूमता रहा। इस मामले के दूसरे गवाह सुभाष ने अशोक को कपड़े धोने से मना किया। उसने अशोक से कहा था कि सबूतों से छेड़छाड़ न हो, लेकिन फिर भी अशोक ने अपने कपड़े धो दिए थे। सुभाष उसी बस का ड्राइवर है, जिस पर अशोक कंडक्टर था। उसने अशोक को खून से सने कपड़ों में देखा था। गौरतलब है कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ने वाले सात साल के प्रद्युम्न के साथ कुकर्म की कोशिश करने के बाद उसकी गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बस कंडक्टर अशोक समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपी अशोक कुमार ने अपना जुर्म कबूल किया था।
प्रद्युम्न केस में ACP को अधूरे दस्तावेज के साथ कोर्ट आने पर अदालत की फटकार