वॉशिंगटन,आज भी मानव के लिए खगोलीय घटनाएं हमेशा ही कौतूहल का विषय रहती है। इस तरह का कौतूहल का विषय सूर्यग्रहण को लेकर रहती है। सोमवार को पूरी दुनिया ने साल के दूसरे और सबसे लंबे सूर्य ग्रहण का अनुभव किया। हालांकि ये ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दिया लेकिन पश्चिम के अधिकांश देशों में लोगों ने खगोलीय घटना का आंनद लिया। आम लोगों से लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिकों तक ने इसके लिए खासी तैयारियां कर रखी थी। अमेरिका में 100 साल बाद इतना लंबा सूर्य ग्रहण देखने को मिला। अमेरिका की 32 करोड़ की आबादी में से करीब 20 करोड़ लोग सड़कों पर उतरे और उन्होंने सूर्यग्रहण का नजारा देखा। भारतीय समयानुसार सोमवार रात्रि 9 बजकर 16 मिनट से मध्य रात्रि 2.34 बजे तक सूर्यग्रहण की अवधि रही। यानी 5 घंटे 19 मिनट का लंबा सूर्य ग्रहण। वहीं पूर्ण ग्रहण का समय 11 बजकर 51 मिनट माना गया है।
21 अगस्त को हुआ ये सूर्य ग्रहण उत्तर अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप के देशों, उत्तर-पूर्वी एशिया और अफ्रीका में नजर आया। अमेरिका में सूर्य ग्रहण करीब 11 बजे दिन में ग्रहण शुरू हुआ और पूर्ण ग्रहण के समय कुछ पलों के लिए वहां रात जैसे अंधेरा छा गया। अमेरिका में सूर्यग्रहण सबसे पहले ओरेगॉन के तट पर देखा गया। अमेरिका के लिए ये ग्रहण इसलिए भी खास रहा क्योंकि अमेरिका के 14 राज्यों में अलग-अलग समय पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इस खूबसूरत नजारे का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी व्हाइट हाउस में पत्नी मेलेनिया के साथ लुत्फ लिया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पहली बार दुनिया भर में इसका सीधा प्रसारण किया। आपको बता दें कि सूर्यग्रहण के चलते अमेरिका की सार्वजनिक कंपनियों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए छुट्टी घोषित की गई।अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के लिए भले ही ये सूर्य ग्रहण अहम खगोलीय घटना रही लेकिन रात होने के कारण ये भारत में नहीं दिखाई दिया। हालांकि ज्योतिषी मानते हैं कि सूर्यग्रहण भले ही भारत में दिखाई नहीं लेकिन यहां के जनजीवन और वातावरण में इस ग्रहण का असर जरूर पड़ेगा।
100 साल बाद 20 करोड़ अमेरिकियों ने देखा सूर्यग्रहण,5 घंटे 19 मिनट का लंबा सूर्य ग्रहण