पटना,बिहार में आठ जिलों के दस लाख लोगों पर बारिश का असर पड़ा है.लोगों को घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना पड़ा है .एनडीआरएफ की दस टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई हैं.कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है .नेपाल की नदियों का पानी बिहार के सैकड़ों गावों में भर गया है.
इस बीच बाढ़ से बेहाल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य मशीनरी के असफल रहने के बाद अब प्रधानबमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। बिहार के सीमांचल जिलों- पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज में पिछले कई घंटों से हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। लगातार भारी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई जिला मुख्यालयों का प्रखंडों से संपर्क टूट गया है। जो मुख्य हाइवे हैं उस पर पानी नहीं चढ़ा है, लेकिन प्रखंडों को मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कें प्रभावित हुई हैं।
स्थिति का आकलन करने के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह एवं रक्षा मंत्री अरुण जेटली से टेलीफोन पर बात की और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने पटना स्थित विद्यापति भवन में एक कार्यक्रम में कहा कि नेपाल में हो रही भारी बारिश तथा बिहार के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। कई गांवों में पानी भर गया है।
नीतीश ने कहा कि हालात पर शनिवार शाम से ही लगातार नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की कंपनी जो बिहार में उपलब्ध थी, उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। इसके अलावा अतिरिक्त एनडीआरएफ कंपनी की मांग केंद्र सरकार से की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर बाढ़ की स्थिति पर एक आपात बैठक भी की। बैठक में जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और कई वरिष्ठ अफसर उपस्थित थे। इस बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत कार्य चलाने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र से एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टुकड़ियों की मांग की है। साथ ही बचाव एवं राहत कार्यों के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर की तैनाती का अनुरोध किया है। प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। बचाव कार्य के लिए वायुसेना के गोरखपुर बेस से हेलीकॉप्टर की मांग की गई है और वहां से भी सहायता जल्द पहुंचने वाली है। पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में बीते 24 घंटे में हुई भारी बारिश के चलते रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार और अलीपुरद्वार के कई हिस्सों में रेल ट्रैक पानी में डूब गया है।
बिहार में बाढ़ का कहर हजारों फंसे, नीतीश की पीएम से गुहार