भोपाल, मध्यप्रदेश में फिर कड़ाके की सर्दी का दौर लौटने वाला है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर बादल छाए रहने के कारण दिन और रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे फिलहाल वातावरण में ठंड का प्रभाव ज्यादा नहीं है। वहीं राजधानी में सोमवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, इससे वातावरण में ठंडक घुल गई। वहीं आसमान पर बादल छाए रहने के कारण वर्तमान में तेज हवाएं नहीं चल रही है। इससे ठंड का प्रभाव अभी कमजोर है। बादल साफ होने के बाद ठंड अपना असर दिखा सकती है। मौसम विभाग की माने तो देश के उत्तरी पहाड़ों में फिर से बर्फबारी भी शुरू होने वाली है। एक तीव्र आवृति वाला पश्चिमी विक्षोभ मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास सक्रिय है। इसके सोमवार रात तक हिमालय क्षेत्र में पहुंचने के आसार हैं। इसके प्रभाव से वहां जबरदस्त बर्फबारी और बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बर्फबारी का सिलसिला दो-तीन दिन तक जारी रह सकता है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ते ही सर्द हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू होने लगेगा। इससे पुन: ठंड बढ़ने लगेगी। अरब सागर से पंजाब तक बने ट्रफ (द्रोणिका लाइन), दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात और राजस्थान पर बने एक ऊपरी हवा के चक्रवात के कारण हवाओं का रुख बदला हुआ है। वर्तमान में हवा का रुख दक्षिणी बना हुआ है। इस वजह से वातावरण में नमी बढ़ रही है। इससे दिन और रात के तापमान बढ़े हुए हैं। साथ ही प्रदेश के कुछ स्थानों पर बरसात भी हो रही है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सोमवार से हिमालयीन क्षेत्र में अच्छी बर्फबारी होने की संभावना है, लेकिन हवा का रुख उत्तरी न होने से मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं होगी। तीन दिन बाद पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर राजस्थान पर बना प्रेरित चक्रवात कमजोर पड़ेगा। इससे हवाओं का रुख एक बार फिर बदलेगा। इससे बादल छंटने लगेंगे और मौसम साफ होने लगेगा। हवा का रुख उत्तरी होते ही सर्द हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज होने लगेगी।