लखनऊ,उत्तर प्रदेष में मानसून के दौरान आयी बाढ़ से राज्य के 24 जिले बाढ़ की चपेट में आ गये थे। इन जिलों में बाढ़ के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ था। राज्य सरकार की ओर से फौरी तौर पर इन बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों का यथासंभव सहायता उपलब्ध करायी थी। अब राज्य सरकार ने केन्द्र से बाढ़ से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई तथा हुए अन्य नुकसान के लिए 802 करोड़ रुपये की मांग करते हुए एक प्रस्ताव भेजा है।
विदित हो कि प्रदेश के 24 जिलों अंबेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, बदायूं, देवरिया, फर्रुखाबाद, गोंडा, गोरखपुर, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, मऊ, पीलीभीत, संत कबीरनगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती व सीतापुर में बाढ़ ने अपना असर दिखाया था। राहत आयुक्त कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में कृषि फसलों के नुकसान की अनुमानित लागत 17638.14 लाख रुपये की मांग की गई है। इसी तरह पशुहानि व पशुपालन पर अनुमानित खर्च 269.56 लाख रुपये, क्षतिग्रस्त हुए मकानों का अनुमानित मूल्य 526.93 लाख रुपये, जनहानि, राहत सामग्री, प्रभावित परिवारों को कपड़ा व बर्तन के लिए सहायता पर खर्च 19633.10 लाख रुपये और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की तात्कालिक मरम्मत के लिए अनुमानित खर्च 42131 लाख रुपये की मांग क्षतिपूर्ति के रूप में की गई है।