आईपीएस अफसर पुरुषोत्तम शर्मा को निलंबन पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण से नहीं मिली राहत

भोपाल, पत्नी की पिटाई के बहुचर्चित मामले में निलंबित डीजी रैंक के अफसर पुरुषोत्तम शर्मा को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। उनके निलंबन से केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उन्होंने सरकार को एक नोटिस जारी किया है। इसमें उन्हें 4 हफ्ते का समय दिया गया है। गौरतलब है कि पुरुषोत्तम ने तर्क देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में निलंबन के खिलाफ याचिका लगाई थी। इस पर अधिकरण ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर एक महीने में जवाब देने को कहा गया है। याचिका में पुरुषोत्तम ने कहा था, कि यह मामला उनको प्रताड़ित करने वाला है। यह न तो घरेलू हिंसा का केस है, और न ही महिला उत्पीड़न का, बल्कि ये पुरुष प्रताड़ना का केस है। मैं फिर दोहराता हूं, कि यह पुरुष प्रताड़ना का केस है। मेरी व्यवसायिक छवि को बिगड़ने की साजिश है। इसके साथ ही उन्होंने ने दूसरे अफसरों पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में एक दो नहीं, कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के वीडियो वायरल हुए हैं। कोई पैसे लेते हुए तो कोई किसी महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया। लेकिन कभी कुछ नहीं हुआ। मेरा तो सिर्फ घर का विवाद है। वह भी कोई गंभीर नहीं है। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश पुलिस में डीजी रैंक के अफसर पुरुषोत्तम शर्मा ने अपनी पत्नी प्रिया शर्मा के साथ मारपीट की थी। इस घटना से जुड़े दो वीडियो वायरल हुए थे। एक वीडियो में वे अपने घर में पत्नी के साथ मारपीट करते देखे जा रहे हैं। दूसरे वीडियो में शर्मा अपनी एक परिचित महिला के फ्लैट में बैठे हैं। यहां उनकी पत्नी पहुंचती हैं और शर्मा को लेकर सवाल शुरू कर देती हैं। मामले में पुरुषोत्तम के बेटे पार्थ गौतम ने यह वीडियो फुटेज गृह मंत्री, डीजीपी समेत बड़े अफसरों को भेजे। पार्थ खुद भी आईआरएस यानी इंडियन रेवेन्यू सर्विस में हैं। घटना के बाद पुरुषोत्तम को पहले से पद से हटाया गया। बाद में उनको सस्पेंड कर दिया गया। मामले में राज्य महिला आयोग ने भी नोटिस जारी किया है।

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