नई दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने साफ कहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति सहित संगठन के प्रमुख पदों के लिए चुनाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव का विरोध कर रहे हैं, वे अपना पद जाने से डर रहे हैं। आजाद ने कहा कि चुनाव होना चाहिए क्योंकि नियुक्त किए गए कांग्रेस अध्यक्ष के पास शायद एक प्रतिशत सपोर्ट भी न हो। आजाद ने कहा कि अगर पार्टी को कोई चुनी हुई इकाई लीड करती है,तब उसकी स्थिति बेहतर होगी,नहीं तो कांग्रेस अगले 50 साल तक विपक्ष में बैठती रहेगी।आजाद ने कहा,पिछले कई दशकों से, पार्टी में चुनी हुई इकाइयां नहीं हैं। शायद हमें 10-15 साल पहले ही चुनाव कर देना चाहिए था। अब हम एक के बाद एक चुनाव हार रहे हैं और अगर हमें वापसी करनी है,तब चुनाव करवा कर पार्टी को मजबूत करना होगा। अगर मेरी पार्टी कांग्रेस अगले 50 साल तक विपक्ष में बैठना चाहती है,तब पार्टी के भीतर चुनावों की कोई जरूरत नहीं है।”
आजाद ने कहा कि उनकी कोई निजी महत्वाकांक्षा नहीं है।उन्होंने कहा, मैं एक बार सीएम रहा हूं,केंद्रीय मंत्री रहा हूं, पार्टी में सीडब्ल्यूसी सदस्य और महासचिव रहा हूं। मैं अपने लिए कुछ नहीं चाहता। मैं अगले 5 से 7 साल सक्रिय राजनीति में रहूंगा। मैं पार्टी अध्यक्ष नहीं बनना चाहता। एक सच्चे कांग्रेसी की तरह, मैं पार्टी के भले के लिए चुनाव चाहता हूं।”
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी में अंदरुनी चुनाव न होने का खामियाजा देश और राज्य के चुनावों में भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कुछ नेताओं की सिफारिश पर ‘किसी को भी राज्य में पार्टी का अध्यक्ष’ बना रही है। आजाद का यह बयान उस वक्त आया है जब सीडब्ल्यूसी की बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया कि सोनिया गांधी अध्यक्ष बनी रहें।
चुनावों का विरोध कर रहे कई नेताओं और सीएम को आजाद ने आड़े हाथों लेकर कहा कि जो वफादार होने का दावा कर रहे हैं, असल में वे ओछी राजनीति कर रहे हैं और पार्टी और देश के हितों के लिए खतरा हैं। राज्यसभा में पार्टी के नेता ने कहा, जो पदाधिकारी या राज्य इकाइयों के अध्यक्ष हमारे प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, वे जानते हैं कि चुनाव होगा तब वहां पद पर नहीं रहने वाले है। कांग्रेस में जो भी मन से जुड़ा है,वहां इस पत्र का स्वागत करेगा। मैंने कहा है कि राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर अध्यक्षों का चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं को करना चाहिए।”
आजाद फिर बोले कांग्रेस में कार्यसमिति और संगठन के पदों पर हों चुनाव