नई दिल्ली, स्टेशन से छूटने के बाद ट्रेन किस पल कहां पहुंची, अब इसकी सटीक जानकारी मिलेगी। ट्रेनों की लोकेशन के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी को अपग्रेड किया जा रहा है। अब ट्रेनों की लोकेशन जल्द ही रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम आरटीईएस के आधार पर मिलेगी। इसके लिए इंजनों में एक डिवाइस लगाई जा रही है जो जीपीएस के आधार पर ट्रेनों की गति पढ़कर अपडेट जारी करती है।अभी ट्रेनों की लोकशन स्टेशन से स्टेशन की मिलती है। बीच की लोकेशन औसत चाल के हिसाब से गणना के आधार पर अपडेट होती हैं। अपग्रेड सिस्टम के शुरू हो जाने से ट्रेन स्टेशन पर पहुंचने की वास्तविक टाइमिंग पता चलने के साथ ही यह भी जान सकेंगे कि ट्रेन किसी जंगल से गुजर रही है या फिर कहीं आउटर पर खड़ी है। पूर्वोत्तर रेलवेे के सीपआरओ पंकज कुमार सिंह कहते हैं कि रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम से ट्रेनों की सटीक जानकारी मिलेगी। इसपर काम शुरू हो गया है। इससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी। 2700 इंजनों में डिवाइस लगायी जा चुकी है। ट्रेनों की एक-एक पल की जानकारी मिलेगी। पहले चरण में रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम 2700 इलेक्ट्रिक इंजनों में लगाया जा चुका है। दूसरे चरण में 6000 इंजनों में लगाया जाएगा। सभी इंजनों में लग जाने से यह सिस्टम से पूरी तरह से काम शुरू कर देगा। रेलवे की पहल पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ट्रेनों की जीपीएस के आधार पर निगरानी करेगा। इसरो ने सैटेलाइट के जरिये इस पर कार्य करना भी शुरू कर दिया है। नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम में ट्रेन जब यार्ड या स्टेशन पर प्रवेश करती है तो समय का डाटा कंट्रोल रूम में बैठा कंट्रोलर सिस्टम पर फीड करता है। इससे स्टेशन से स्टेशन की लोकेशन पता चलती है।
नेशनल ट्रेन इंक्वायरी हो रहा अपग्रेड, किस पल कहां पहुंची ट्रेन अब मिलेगी सटीक लोकेशन