देश में कोरोना मरीजों की संख्या 31 लाख के पार हुई, मृतक संख्या 57 हजार से ऊपर

नई दिल्ली, देश में रविवार को कोरोनावायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 31,02,840 हो गई है। 823 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ा और मृतकों की संख्या 57,411 हो गई। रत दस बजे तक 59,404 नए कोरोनावायरस संक्रमित मिलने के साथ ही एक्टिव मामलों की संख्या भी 7,13,036 पहुंच गई।
महाराष्ट्र संक्रमण के मामले में सबसे आगे है यहां पर 10,441 नए मरीज मिलने के साथ पीड़ितों की संख्या बढ़कर 6,82,383 हो गई। आंध्रप्रदेश में 7,895 नए संक्रमित मिले और पीड़ितों की संख्या बढ़कर 3,53,111 हो गई। तमिलनाडु में 5995, कर्नाटक में 5938, उत्तरप्रदेश में 5235, पश्चिम बंगाल में 3274, बिहार में 2224, तेलंगाना में 2384, ओडिशा में 2993, केरल में 1908 नए संक्रमित मिले। इसके अलावा दिल्ली में 1450, rajasthan 1345, हरियाणा में 1096, मध्यप्रदेश में 1263 और पंजाब में 1136 नए संक्रमित मरीज मिले।
इन राज्यों में देश के लगभग 90% नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। इसके अलावा कुछ छोटे राज्यों में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
बाकी राज्यों की तुलना में इन राज्यों में अधिक संख्या में मरीजों के मिलने के कारण देश में कोरोना का प्रसार दुनिया में सबसे तेज हो गया है। बीते लगभग 18 दिन से भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन दुनिया में सर्वाधिक मिल रही है हालांकि संक्रमण के लिहाज से भारत अभी भी अमेरिका और ब्राजील से पीछे है। लेकिन जल्द ही भारत ब्राजील को पीछे छोड़ देगा। भारत में मृत्यु दर भी घटकर 2% से नीचे आ गई है। संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि का कारण प्रतिदिन होने वाले टेस्ट हैं। वर्तमान में देश में प्रतिदिन सवा नौ लाख से अधिक कोरोनावायरस टेस्ट हो रहे हैं जिसके कारण इतनी अधिक संख्या में मरीज मिल रहे हैं। शीघ्र ही प्रतिदिन 10 लाख के करीब टेस्ट किए जाएंगे जिससे तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन 20 लाख टेस्ट करने से 10 दिन के भीतर कोरोना की वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा और इस पर नियंत्रण होना भी शुरू हो जाएगा। इस बीच दुनियाभर में कोरोना को लेकर वैक्सीन पर शोध जारी है। भारत में भी इस दिशा में ट्रायल चल रहे हैं लेकिन अभी तक कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं आया है जिसका उपयोग भारत में बड़े पैमाने पर हो सके। रूस और चीन जैसे देशों ने कोरोना के वैक्सीन बनाने का दावा किया है लेकिन इसका उपयोग फिलहाल वहां की जनसंख्या पर किया जाएगा। इन दोनों देशों ने जिस जल्दबाजी में कोरोना वैक्सीन बनाया है उससे इस वैक्सीन की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि देश के अनेक हिस्सों में कोरोना के प्रति एंटीबॉडी डिवेलप हो रही है। अनेक शहरों में सोरो सर्वे से यह बात उभरकर सामने आई है कि जनसंख्या के एक बड़े हिस्से में कोरोना के प्रति लड़ने की क्षमता पैदा हो चुकी है।

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