कानपुर,कानपुर चौबेपुर मुठभेड़ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। तत्कालीन चौबेपुर एसओ के साथ ही एक दरोगा, दो सिपाहियों का भी विकास दुबे से कनेक्शन जुड़ रहा है। विकास दुबे की मोबाइल नंबर की सीडीआर से यह जानकारी पुलिस को मिली है। सूत्रों के अनुसार मिलीभगत के साक्ष्य मिलने के बाद ही एसओ विनय तिवारी को निलंबित किया गया है। मामले में एक दरोगा की भी भूमिका संदिग्ध है। उससे जुड़ी जानकारी भी पुलिस अधिकारियों को मिली है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये दरोगा भी विकास दुबे के संपर्क में था। सूचना लीक होने में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आया है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर पर दबिश के वक्त चौबेपुर थाने में तैनात सिपाही ने शिवली सब स्टेशन पर फोन कर बिकरू गांव की बिजली कटवाई थी। यह सिपाही बिकरू गांव का बीट कॉन्स्टेबल भी है। बीट सिपाही गांव की एक-एक गली और रास्ते से वाकिफ था। गुरुवार को हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर पर दबिश देने गए पुलिसकर्मियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे इतने बड़ी साजिश का शिकार हो जाएंगे। उधर पुलिस टीम पर हुए हमले की घटना में शामिल एक बदमाश गिरफ्तार कर लिया गया है। कानपुर के कल्याणपुर थनाक्षेत्र में सुबह पांच बजे हुई संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे के साथी दयाशंकर अग्निहोत्री को गिरफ्तार कर लिया है। अग्निहोत्री पुलिस टीम पर हमले के दौरान विकास के साथ था। वह पहले भी कई अपराधों में शामिल रहा है। उस पर 25 हजार रुपए इनाम घोषित किया गया है। इस बीच विवादित ट्वीट करने वाले कोचिंग संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। काकादेव में कोचिंग चलाने वाले किलकिल सचान ने सोशल मीडिया पर विकास दुबे मामले में भड़काऊ पोस्ट डाली थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को अग्निहोत्री के कल्याणपुर में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके आवास वाले इलाके को घरकर उसे सरेंडर करने के लिए कहा। इस दौरान उसने पुलिस पर देशी तमंचे से फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दयाशंकर घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
सीओ रसूलाबाद ने शनिवार को सबस्टेशन के एसएसओ, लाइनमैन और जेई से पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सामने आया कि चौबेपुर थाने से किसी सिपाही ने फोनकर गांव की बिजली की सप्लाई बंद कराई थी। एसटीएफ और पुलिस टीम की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे है। एसटीएफ ने जब यह जानकारी जुटाई कि पुलिस टीम जब दबिश देने के लिए बिकरू गांव पहुंची थी तो उस समय गांव में बिजली थी या नहीं । पूछताछ में पता चला कि दबिश के दौरान गांव में बिजली नहीं थी। पूरे गांव में अंधेरा छाया था।
एक सोलर लाइट विकास दुबे के घर के बाहर जल रही थी। जिसकी वजह से पुलिसकर्मियों को छतों पर छिपे बदमाशों का मूवमेंट नहीं दिख रहा था। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को इस बात की जानकारी थी कि पुलिस की टीमें दबिश देने के लिए आ रही है। विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस से मुकाबला करने की पूरी योजना तैयार कर ली थी। विकास दुबे को पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी मिल रही थी। उस तक यह सूचना कौन पहुंचा रहा था इसकी जांच चल रही है। चौबेपुर पुलिस शुरू से ही शक के घेरे में थी। सूत्रों के मुताबिक दबिश के दौरान चौबेपुर एसओ और सिपाही सबसे पीछे थे।
शनिवार को पुलिस अधिकारियों ने रसूलाबाद सबस्टेशन के एसएसओ और लाइन मैन से पूछताछ की तो जानकारी मिली कि चौबेपुर थाने से किसी सिपाही का सप्लाई बंद कराने के लिए फोन आया था। बिजली कर्मचारियों ने पुलिस को उस सिपाही का नंबर भी उपलब्ध कराया। पुलिस अधिकारियों ने जब नंबर की जांच की तो पता चला कि वो नंबर थाने के एक सिपाही का था। एसटीएफ अब उस सिपाही से पूछताछ कर रही है। एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि बिकरू गांव की बिजली हिस्ट्रशीटर को फायदा पहुंचाने के लिए कटवाई गई थी या फिर बदमाश रोशनी का फायदा नहीं उठा सकें इसलिए। चौबेपुर थाने के सिपाही और एसओ हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के संपर्क में थे, विकास का भी थाने में आना-जाना था।
कानपुर मुठभेड़ में एक दरोगा और दो सिपाहियों की भी थी मिलीभगत, चौबेपुर पुलिस ने कटवाई थी बिजली, फायरिंग करने वाला बदमाश गिरफ्तार