कुटीर और लघु उद्योगों के लिए 6 बड़े कदमों का एलान, एमएसएमई सेक्टर को 3 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कोविड-19 संकट से उबरने के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देकर बताया कि कुटीर-लघु उद्योगों के लिए सरकार 6 बड़े कदम उठाएगी। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषण कर कहा कि एमएसएमई सेक्टर को बिना गारंटी के लोन मिलेगा। सरकार ने सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों की परिभाषा बदली। नई परिभाषा के तहत निवेश और सालाना टर्नओवर के नियम बदल दिए है।
एमएसएमई सेक्टर को मिले आर्थिक पैकेज की बड़ी बातें:
एमएसएमई सेक्टर को मूलधन नहीं चुकाना होगा, 100 करोड़ टर्नओवर वाले उद्योगों को फायदा, बिना गारंटी के एमएसएमई सेक्टर को लोन मिलेगा, 2 लाख छोटे कुटीर उद्योगों को इसका लाभ मिलेगा, फंड की कमी से जूझ रहे एमएसएमई के लिए 50 हजार करोड़ रुपये,चार वर्ष के लिए मिलेगा लोन, 12 महीने बाद चुकाना होगा,1 से 5 करोड़ तक टर्न ओवर वाले सूक्ष्म उद्योग, 200 करोड़ तक कोई सरकरी टेंडर ग्लोबल नहीं होगा, एमएसएमई से खरीद करेगा।
15 हजार की सैलरी वालों को 3 महीने की सरकार मदद:
15 हजार की सैलरी वालों को 3 महीने की सरकार मदद मिलेगी। ईपीएफ का 24 प्रतिशत मोदी सरकार अगले तीन माह तक देगी। सरकार के इस कदम से 3 लाख संस्थानों के 72 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। ईपीएफ अंशदन कम करने से कर्मचारियों के खाते में पैसे ज्यादा पहुंचेगा।
एनबीएफसी के लिए तीस हजार करोड़ की लिक्विडिटी योजना:
पैसों की कमी से जूझ रहे एनबीएफसी को ऋण के लिए सरकार गारंटर बनेगी, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की मदद की जाएगी।
बिजली कंपनियों को 90 हजार करोड़ का फंड
पैसों की कमी से जूझ रही बिजली कंपनियों को फायदा होगा.
सैलरीड क्लास को राहत
31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25 प्रतिशत की राहत, टीडीएस में कटौती से लोगों के पास 50 हजार करोड़ रुपये आएंगे, आयकर रिटर्न को दाखिल करने की आखिरी तारीख को 30 नवंबर तक बढ़ाया गया है।पहले रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई और 31 अक्तूबर थी, टीडीएस रेट में 25 फीसदी की कमी।
रेरा में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट को छह माह की राहत
इसके पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सामने विजन रखा है। हमने लंबी चर्चा के बाद पैकेज पर फैसला लिया। पीएम मोदी भी पैकेज पर चर्चा के दौरान शामिल रहे। समाज के हर वर्ग से राय लेकर राहत पैकेज बनाया। देश में मास्क और पीपीई किट का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए यह पैकेज लाया गया है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, पीएम का लक्ष्य लोकल ब्रांड को ग्लोबल पहचान दिलाना है। आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह नहीं कि दुनिया से अलग हो जाएं। पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत की सोच से देश में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा,पीएम मोदी बोल्ड निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। देश में पिछले 6 वर्षों में बोल्ड सुधार किए है और इस दिशा में कदम लिए जाते रहे हैं, और आगे भी लिए जाते रहेंगे।

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