इंदौर में कोरोना से हालात नहीं सुधरे तो पडेगी 2500 वेंटिलेटर-बिस्तरों की जरुरत

इंदौर, अगर इंदौर में हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में यहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगभग 2500 हो सकती है। इस ‎हिसाब से इतने ही वेंटिलेटर-बिस्तरों की जरुरत भी पड सकती है। ऐसे हालात से निपटने के लिए सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती। इसीलिए मई तक यहां कोरोना के मरीजों की अधिकतम संख्या का आकलन करके सुविधाओं और संसाधनों का हिसाब लगाया जा रहा है। इनमें से कई की हालत बिगड़ी भी तो उनके लिए उतने ही लाइफ सपोर्ट सिस्टम की भी जरूरत होगी। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग शहर के अस्पतालों में लगने वाले वेंटिलेटर और मरीजों के बिस्तर का हिसाब लगा रहा है। भारत सरकार के केंद्रीय दल ने स्वास्थ्य विभाग से इस बारे में जानकारी मांगी है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसकी तैयारी में जुट गए हैं। इस काम में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आइआइएम) भी मदद कर रहा है। आइआइएम यह अनुमान लगा रहा है कि आने वाले समय में इंदौर में कितने कोरोना पॉजिटिव मरीज होंगे। फौरी तौर पर करीब ढाई हजार मरीजों का जो अनुमान लगाया है, वह आंकड़ा अंतिम नहीं है। इसमें कुछ घट-बढ़ भी हो सकती है। मंगलवार को केंद्रीय दल के साथ बैठक में इन तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई। दल के प्रमुख भारत सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभिलक्ष्य लिखी सहित सदस्यों ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज को आने वाले समय में कोरोना मरीजों की अनुमानित संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस हिसाब से अस्पताल, संसाधन, मैनपॉवर आदि की जरूरतों के बारे में भी पूछा है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल और उनकी टीम वेंटिलेटर, बेड आदि संसाधनों का आकलन करने में जुट गई है। जिला प्रशासन अब पूरे शहर में सर्वे करवा रहा है। करीब 30 लाख की आबादी के शहर में अब तक 12 लाख लोगों का सर्वे हो चुका है। कलेक्टर मनीष सिंह ने केंद्रीय दल को बताया है कि पहले कंटेनमेंट एरिया में ही सर्वे किया गया था, अब इसे पूरे शहर में किया जा रहा है। पांच-छह दिन में यह पूरा हो जाएगा। ऐसे में माना जा सकता है कि छह दिन बाद पूरा शहर स्कैन हो चुका होगा और तस्वीर सामने होगी कि कोरोना के संदिग्ध मरीज किन-किन नए एरिया में भी हो सकते हैं।
इंदौर में कोरोना वायरस के संक्रमण का सर्वाधिक असर अभी दिखना बाकी है। केंद्रीय दल ने आगाह किया है कि अप्रैल के आखिरी या मई के पहले सप्ताह तक इसका असर दिख सकता है। ऐसे हॉटस्पॉट चुनें जहां 10 या इससे अधिक मरीज मिले हैं अतिरिक्त मुख्य सचिव ने शहर के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में से ऐसे हॉटस्पॉट चुनने के लिए कहा है, जहां 10 या इससे अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। उन्होंने ऐसे इलाकों में विशेष ध्यान देने के लिए कहा है।

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