इंदौर में एक ही परिवार के 3 लोगों सहित कोरोना वायरस के 5 मरीज मिले

इंदौर, जिसकी कल्पना थी, वह हो गया । इंदौर शहर में कोरोना के 5 मरीज मिले हैं। इस तरह अब कोरोना ने इंदौर में दस्तक दी है। यह सब मरीजों द्वारा बरती गई स्वयं की लापरवाही का परिणाम कहा जा रहा है। पांचों मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इनमें दो वैष्णो देवी से लौटे थे, एक महिला के श्रीलंका से आने की जानकारी मिली है। मरीजों में एक मनीष बाग, एक स्नेह नगर, एक रानीपुरा, एक चंदननगर का बताया गया । तीन मरीजों को बॉम्बे हॉस्पिटल, एक महिला को अरिहंत अस्पताल और एक को बड़े अस्पताल में भर्ती कराया है। मनीष बाग और स्नेह नगर के मरीज वैष्णो देवी से लौटे थे। मरीजों के घर के बाहर स्टीकर लगा दिए गए, ताकि लोग सावधान रहेंं।
खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कालोनियां सील की है, वहीं मरीजों के परिवार को आइसोलेशन में भेजा है । जहां मरीज मिले हैं वहां पूरे मोहल्ले के साथ ही आसपास के क्षेत्रों को भी सील कर दिया है। दो मरीजों का देव दर्शन को जाना महंगा पड़ा।
इनमें से 4 की फॉरेन हिस्ट्री नहीं है, विभाग पता कर रहा है कि ये किसके संपर्क में आए हैं। एक मरीज उज्जैन का है। इसके पहले मंगलवार को ग्वालियर और शिवपुरी में कोरोना वायरस पॉजिटिव एक-एक मरीज मिले थे। इसके साथ ही जबलपुर के 6 और भोपाल के एक कोरोना पॉजिटिव को मिलाकर मध्य प्रदेश में मरीजों की संख्या 15 हो गई है।
इधर,इंदौर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान भी फल-सब्जी, दूध,किराना, दवाई सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जारी रहेगी पेट्रोल पंप भी खुले रहेंगे। शहरवासी समीपस्थ किराना सब्जी दुकानों से सामान ले सकते है। चोइथराम किराना मंडी में थोक व्यापारियों से खेरची व्यापारी सामान खरीद सकेंगे, लेकिन आम ग्राहक मंडी में नहीं जा पाएंगे। शहरवासी चिंता न करे और अनावश्यक संग्रहण से भी बचे।
इंदौर के कई लोगों ने छिपाई विदेश यात्रा की जानकारी
इंदौर संभाग के तीन जिलों में करीब 3368 लोग 1 से 21 मार्च के बीच विदेश यात्राएं करके लौटे हैं। इनमें सर्वाधिक 3138 लोग इंदौर जिले के हैं, जबकि खंडवा के 150 और धार जिले के 80 लोग शामिल हैं। इनमें वे लोग हैं जो विदेश यात्रा करके दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के एयरपोर्ट पर उतरे और वहां से ट्रेन, बस, टैक्सी से यात्रा करके अपने शहर और घर तक पहुंचे हैं। इन लोगों ने अब तक अपनी यात्रा की जनकारी छिपाकर रखी है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने इन लोगों की सूची इंदौर सहित संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भेजी है। अब एक-एक यात्री के घर जाकर उनकी मेडिकल जांच कर पता लगाया जाएगा कि कहीं उन्हें कोरोना के लक्षण तो नहीं हैं।

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