रायपुर, छत्तीसगढ़ के सभी 10 नगर निगमों में सत्ताधारी दल कांग्रेस के महापौर चुने गए हैं। बता दें कि राज्य में पहली बार नगर निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद के लिए अप्रत्यक्ष प्रणाली से मतदान हुआ है।जिसमें छत्तीसगढ़ के 10 नगर निगमों, 38 नगरपालिका परिषदों और 103 नगर पंचायतों में मतदान हुआ था। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि, यहां 151 नगर निकायों के 2834 वार्डों के लिए मतदान कराया गया था, जिसमें से 1283 वार्ड में कांग्रेस को तथा 1131 वार्ड में भाजपा को सफलता मिली। वहीं 420 वार्ड में अन्य दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई। बता दें कि राज्य के 10 नगर निगमों में से जगदलपुर, अंबिकापुर और चिरमिरी नगर निगम में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला जबकि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, धमतरी और कोरबा नगर निगम में सत्ताधारी दल ने अन्य दलों या निर्दलीय पार्षदों की मदद से महापौर चुनाव में जीत हासिल की। हालांकि कोरबा नगर निगम के अलावा अन्य नौ नगर निगमों में कांग्रेस के अधिक पार्षद जीत कर आए हैं। कोरबा नगर निगम में भाजपा के अधिक पार्षद होने के बावजूद भी कांग्रेस अपना महापौर जिताने में कामयाब रही। इस क्रम में यहां से राजकिशोर प्रसाद को महापौर चुना गया है। वहीं कोरबा नगर निगम में 67 वार्ड हैं। जिसमें से कांग्रेस को 26 तथा भाजपा को 31 वार्ड में जीत मिली है। वहीं 10 वार्ड में अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। इसके अलावा महापौर के चुनाव के दौरान कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद को 34 पार्षदों ने तथा भाजपा की ऋतु चौरसिया को 33 पार्षदों ने अपना मत दिया। इससे पहले राज्य के अन्य नौ नगर निगमों में कांग्रेस के महापौर चुन लिए गए थे।
बता दें कि वर्ष 2000 में राज्य के निर्माण के बाद यह पहली बार है जब राज्य में नगर निकायों के महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराया गया है। नगर निकायों में जीत के बाद कांग्रेस प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि शहरी क्षेत्र की जनता ने भूपेश बघेल सरकार पर अपनी मुहर लगाई है। इसके साथ ही जनता ने एक साल के सुशासन को अपना समर्थन दिया है। वहीं भाजपा के वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस को हार का भय था, इसलिए उन्होंने राज्य में नगर निकायों के महापौर और अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है।
छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगमों से अंततः कांग्रेस के ही महापौर चुने गए