अतिथि विद्वान 16 तक चुन सकेंगे कॉलेज फिर मेरिट पर होगा कॉलेज आवंटन

भोपाल, प्रदेश के कॉलेजों से निकाले गए अतिथि विद्वानों को आगामी 16 जनवरी तक अपनी पसंद का कॉलेज चुनने की छूट प्रदान की गई है। निकाले गए अतिथि विद्वानों को दोबारा नियुक्ति देने के लिए चल रही प्रक्रिया के तहत कॉलेज ऑनलाइन चुनकर लॉक करना होगा। पसंद के कॉलेज चुनने की अंतिम तारीख 16 जनवरी रहेगी। इसके बाद मेरिट के आधार पर अतिथि विद्वानों को कॉलेजों का आवंटन उच्च शिक्षा विभाग 18 जनवरी को करेगा। 20 जनवरी से अतिथि विद्वान पदभार संभाल सकेंगे। अतिथि विद्वानों को पदभार संभालने की अंतिम तारीख 22 जनवरी रहेगी। अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह का कहना है कि अब अतिथि विद्वानों को धरना देते हुए एक महीना पूरा हो चुका है। लेकिन, सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस एक महीने के दौरान हमारे सामने कई कठिनाईयां भी आई लेकिन हम अपनी मांग पर अड़े रहे। अतिथि विद्वानों ने प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को ठीक किया है। अब सरकार को भी अतिथि विद्वानों के बारे में अच्छा करना चाहिए।
इधर, अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण की मांग को लेकर बुधवार को भी धरना जारी रहा। वे पिछले एक महीने से राजधानी के शाहजहांनी पार्क में धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे अतिथि विद्वानों से मिलने उच्च शिक्षा विभाग के पूर्व अधिकारी भी पहुंचे। इनमें रिटायर्ड अतिरिक्त संचालक राधावल्लभ शर्मा और यूसी जैन शामिल हैं। दोनों अधिकारियों ने कहा कि पूर्व में भी कांग्रेस की सरकार ने तदर्थ और आपाती भर्ती के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद पर नियमित नियुक्ति दी थी। वर्तमान में कार्यरत अतिथि विद्वानों को अध्यापन कार्य का लंबा अनुभव है। साथ ही पद के अनुसार योग्यता भी रखते हैं ऐसे में सरकार को इन अतिथि विद्वानों को नियमित करना चाहिए। दोनों अधिकारियों ने कहा कि सरकार सुपरन्यूमनरेरी पदों का निर्माण कर अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण आसानी से किया जा सकता है। इस निर्णय को लेने के लिए जरूरत सिर्फ इच्छाशक्ति की है। नियमितीकरण का विषय वचनपत्र में शामिल होने के लिए यह सरकार की प्राथमिकता का मामला है। सरकार को इस पर जल्द ध्यान देना चाहिए।

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