आगरा पुलिस मजनुओं पर लगाम लगाने अब ट्रेनों में रखेगा एंटी रोमियो स्क्वॉड

आगरा, रेलों में यात्रा के दौरान महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है इसी वजह से कितनी महिलाएं आज भी अकेले सफर करने से डरती हैं। मगर अब मनचलों पर लगाम लगेगी और महिलाएं भी अकेले सुरक्षित सफर कर सकेंगी। अब ट्रेन में एंटी रोमियो स्कवॉड आम यात्री बनकर सादे कपड़ों में बैठी रहेंगी, जो मनचलों की कुछ भी हरकत होनें पर उन्हे तुरंत धरदबोचेंगी।
एक स्कवॉड में रहेंगी 4 महिला कांस्टेबल-
मालूम हो कि महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी आगरा ने थाना स्तर पर स्क्वॉड का गठन किया है। एक स्कवॉड में 4 महिला कांस्टेबल रखी गई हैं
कंट्रोल रूम को मिलती रहती हैं शिकायतें-
महिला यात्रियों से अक्सर अभद्रता होती है जिसे लेकर कंट्रोल रूम को आए दिन शिकायत मिलती है। ऐसी हरकतें कुछ विशेष ट्रेनों और चिह्नित स्टेशनों पर ही होती रहती हैं। एंटी रोमियो स्क्वॉड ऐसी हरकतों को रोकेगा।
आम यात्री बनकर बैठी रहेंगी महिला कांस्टेबल-
ट्रेनों में महिला कांस्टेबल सादे कपड़ों में आम यात्री बनकर बैठी रहेंगी। भनक लगते ही वह मनचलों को सबक सिखाएंगी। वहीं महिला कोच में यात्रा करते पाए जाने पर पुरुष का रेलवे एक्ट में चालान किया जाएगा। जीआरपी कैंट थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि महिला सिपाहियों को अपने बीच में पाकर महिला यात्रियों में भी सुरक्षा की भावना आएगी।
आरपीएफ की ‘शक्ति वाहिनी’ तो करीब एक महीने से सक्रिय है। इसमें 10 महिला सिपाही हैं। ये दल खासतौर पर दिव्यांग और महिला कोच की निगरानी करता है। शक्ति वाहिनी ने करीब चार सैकड़ा पुरुषों के खिलाफ कार्रवाई कर सवा लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला है।
प्रत्येक स्टेशन पर होगी जांच-
एसपी जीआरपी, आगरा जोगेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड गठित किया है। हर स्टेशन पर स्क्वॉड महिला और दिव्यांग कोच में चेकिंग करेगा।
3 जोन की ट्रेनों में ज्यादा होती है लूट और छेड़छाड़-
भारतीय रेलवे 17 जोन में बंटकर काम करता है। हर एक जोन में 3 और 3 से अधिक डिविजन होते हैं। लेकिन 3 जोन उत्तर, दक्षिण और दक्षिण मध्य रेलवे ऐसे जोन हैं जहां महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा लूट और छेड़खानी की घटनाएं होती हैं। अगर 3 जोन के 17 डिविजन की बात करें तो महिलाओं के साथ लूट और छेड़खानी की सबसे ज्यादा घटनाएं यहीं होती हैं। यह क्षेत्र हैं उत्तर रेलवे के दिल्ली, अंबाला, फिरोजपुर, लखनऊ एनआर, मुरादाबाद। दक्षिण मध्य रेलवे के चेन्नई, मदुरै, पालघाट, तिरुचुरापल्ली, त्रिवेंद्रम। दक्षिण मध्य रेलवे के सिकंदराबाद, हैदराबाद, गुंटकल, गुंटूर, नांदेड़, विजयवाड़ा डिविजन आते हैं। हालांकि पूर्वातर रेलवे में सबसे कम 2018 में 7 केस दर्ज हुए हैं।
रेल मंत्रालय ने संसद में रिपोर्ट रखते हुए ये भी बताया है कि रेलवे के किस जोन में यात्रियों के सामान की सबसे ज्यादा चोरी होती है। हालांकि रिपोर्ट में सभी 17 जोन में बीते 5 साल में हुई चोरियों का जिक्र किया गया है। लेकिन रिपोर्ट में खासतौर से मध्य रेलवे जोन का भी जिक्र किया गया है।

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