लखनऊ, यूपी की राजधानी लखनऊ में हुए कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में प्रदेश की पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी नावेद के साथी कामरान को गिरफ्तार का लिया है। दरअसल, कामरान पर हत्यारोपियों को नेपाल ले जाने का आरोप है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कामरान नावेद की ट्रेवल एजेंसी का कर्मचारी है। यूपी पुलिस मामले में गिरफ्तार शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद से पूछताछ कर चुकी है। बता दें कि पिछले हफ्ते दोनों को गुजरात से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया था। इससे पहले पिछले हफ्ते बरेली के दरगाह आला हजरत के मौलाना सैय्यद कैफी अली की गिरफ्तारी के बाद लॉ स्टूडेंट और पेशे से वकील मोहम्मद नावेद को यूपी पुलिस और एटीएस ने लंबी पूछताछ के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था।
बताया जा रहा है कि इन दोनों आरोपियों से बरेली से गिरफ्तार नावेद का सामना कराया गया। इस दौरान हत्यारोपियों और नावेद के बयानों को क्रॉस चेक भी किया गया। नावेद पर नागपुर से आसिम की गिरफ्तारी के बाद इन आरोपियों को नेपाल से शाहजहांपुर लाने का आरोप है। इतना ही नहीं नावेद और मौलाना दोनों पर ही हत्यारोपियों शेख अशफाक हुसैन और पठान मोईनुद्दीन अहमद को पनाह देने और इलाज करवाने में मदद का भी आरोप है। आरोप है कि कमलेश तिवारी की हत्या के बाद फरार हुए दोनों आरोपियों को मौलाना कैफी की ओर से मदद मुहैया कराई गई थी। बताया जा रहा है कि नावेद पर आरोप है कि उसने मौलाना कैफी के निर्देश पर दोनों को बरेली में रुकवाया था और उसके बाद नेपाल बॉर्डर तक पहुंचने में मदद की थी। पूछताछ के दौरान ही कामरान का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। साथ ही यह भी पता चला है कि हत्या के आरोपियों को कामरान ही नेपाल लेकर गया था।
कमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी पुलिस ने की एक और गिरफ्तारी