अर्थव्यवस्था को फिर बूस्टर डोज, हाउसिंग सेक्टर को दस हजार करोड़ देगा केंद्र

नई दिल्ली, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने पिछले कुछ समय से सुस्ती के दौर से गुजर रही अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक माह के भीतर दूसरी बार बूस्टर डोज का ऐलान किया है। वित्तमंत्री सीतारमन ने हाउसिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि हाउसिंग क्षेत्र को गति देने के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का कोष 60 प्रतिशत तक पूरे हो चुकी परियोजनाओं को देने की घोषणा की है। जबकि, 36 हजार करोड़ से 38 हजार करोड़ एक्सपोर्ट क्रेडिट को बढ़ाने में लगाए जाएंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि अब अर्थव्यवस्था पटरी पर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि छोटे डिफॉल्‍टरों पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। जबकि, 25 लाख रुपए तक के टैक्‍स डिफॉल्‍टर्स पर कार्रवाई के लिए सीनियर अधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी। इसके साथ ही, निर्यात उत्पादों पर शुल्क या टैक्स छूट की योजना (आरओडीटीईपी) एक नई योजना है। यह 1 जनवरी 2020 से पूरी तरह से सभी मर्केंडाइज एक्सपोर्ट्स इंडिया स्कीम (एमईआईएस) की जगह लेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने अफोर्डेबल, मिडिल इनकम हाउसिंग के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के फंड का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि घर खरीदने के लिए जरूरी फंड के लिए स्पेशल विंडो बनाई जाएगी। इसमें विशेषज्ञ काम करेंगे। लोग घर के लिए आसानी से लोन ले सकेंगे।
इसके साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग पर एक्सटर्नल कॉमर्शियल बोरोइंग यानी ईसीबी गाइडलाइंस आसान की जाएगी। बता दें कि ईसीबी विंडो के तहत भारत की कंपनियां अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए कुछ खास स्थितियों में विदेश से ऋण जुटा सकती हैं। उन्होंने बताया 45 लाख रुपए तक के मकान को खरीदने पर टैक्स में छूट के फैसले का फायदा रियल एस्‍टेट सेक्‍टर को मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्पेशल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) अग्रीमेंट मिशन चलाया जाएगा। वार्षिक मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का पूरे देश के चार जगहों पर आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन मार्च 2020 से शुरू होगा। जेम्स एंड ज्वैलरी, योगा एवं टूरिज्म, टेक्सटाइल एवं लेदर क्षेत्र में मेगा शापिंग फेस्टीवल का आयोजन किया जाएगा। एक्सपोर्ट का समय कम करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सभी क्लियरेंस के लिए मैनुअल सर्विसेज को खत्म करके ऑटौमैटिक सिस्टम लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सितंबर 2019 तक आईटीसी रिफंड के लिए पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक रिफंड सिस्टम लागू किया जाएगा।

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