जबलपुर, पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर में यार्ड रिमाडलिंग व नान इंटरलाकिंग का कार्य निर्धारित समय से 4 दिन पहले पूरा कर लिया गया है। इस कार्य का करने में एक हजार से भी अधिक अधिकारी-कर्मचारियों की टीम जुटी रही। दिन रात मेहनत करके युद्ध स्तर पर काम किया गया। इस काम के पूरा होने से अगले कम से कम 10 से 12 सालों की रेल परिचालन की बाधाओं को भी दूर कर लिया है। उक्ताशय की जानकारी मंडल रेल प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी। इस मौके पर अपर मंडल रेल प्रबंधक मंजू मोहनपुरिया व सुधीर सरवरिया भी उपस्थित रहे।
डीआरएम डॉ. मनोज कुमार सिंह लगभग 9 साल पुराना यार्ड रिमाडलिंग का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन हमारे स्टाफ ने दिन-रात एक करके इसे पूरी सफलता के साथ पूरा किया और वह भी 4 दिन पहले ही कम्पलीट कर दिया गया। डीआरएम ने बताया कि यात्रियों को असुविधा न हो इसलिए जबलपुर से प्रारंभ होने वाली 22 ट्रेनों में से मात्र 3 ट्रेन ही रद्द की गईं, जबकि 19 ट्रेनों को चलाया जाता रहा।
10 करोड़ की लागत हुआ कार्य
डीआरएम डा. सिंह ने बताया कि री मॉडलिंग के कार्य में करीब 10 करोड़ रुपए का खर्च आया है। कार्य पूर्ण होने के बाद ट्रेनों का परिचालन फिर शरू कर दिया गया है। अब पहले की तरह आउटर पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी, क्योंकि अब अप (इटारसी) की ओर जाने वाली ट्रेन 1 नंबर प्लेटफार्म के साथ-साथ 2 नंबर पर भी ली जा सकेंगी। डॉ सिंह ने प्लेटफार्म नंबर 1- ए का काम भी एक माह में पूर्ण हो जाने का अश्वासन दिया।
चार दिन पहले ही पूरा हो गया री मॉडलिंग का काम, दिन रात जुटी रही एक हजार अधिकारी-कर्मचारियों की टीम