विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू,अध्यक्ष प्रजापति ने कहा मूल विषय पर सकारात्‍मकता के साथ संवाद हो

भोपाल, नवनिर्वाचित विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र या प्रदेश की कौन सी समस्‍या, किस प्रक्रिया के माध्‍यम से सदन में कब उठानी है, इसका बोध होना चाहिए । सदस्‍यों को विधान सभा प्रक्रियाओं और नियमों की जानकारी होना आवश्‍यक है । सतत् अध्‍ययनशीलता के माध्‍यम से विधायक इस विधा में पारंगत हो सकते हैं । अध्‍ययन के लिये विधान सभा सचिवालय का पुस्‍तकालय बहुत समृद्ध और सुविधायुक्‍त है । नवनिर्वाचित विधायक वरिष्‍ठ विधायकों के संवाद को ध्‍यानपूर्वक सुनें, समझें और मूल विषय पर बिना भूमिका के सकारात्‍मकता के साथ अपना पक्ष रखें । यह उदगार विधान सभा अध्‍यक्ष ए.पी.प्रजापति ने पन्‍द्रहवीं विधान सभा के सदस्‍यों के लिये आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर व्‍यक्‍त किये । श्री प्रजापति ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि सदस्‍यों के आचार-व्‍यवहार में मर्यादा, संयम, नियम-प्रक्रिया का ज्ञान और उत्‍तरदायित्‍व की भावना को होना नितांत आवश्‍यक है ।
उदघाटन सत्र को मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने भी संबोधित करते हुए कहा कि नवनिर्वाचित विधायकों को सदन में पूरी तैयारी के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहिए किया, कब, क्‍या, कैसे, किन मुद्दों पर बोलना है और कब चुप रहना है, इसका उन्‍हें ज्ञान होना चाहिए । मैं आशा करता हूं कि नवनिर्वाचित विधायक प्रबोधन कार्यक्रम में शिक्षा नहीं बल्कि ज्ञान प्राप्‍त करेंगे । उन्‍होंने ने कहा कि प्रबोधन कार्यक्रम विधायकों को उनकी प्रभावी भूमिका के निर्वहन का सार्थक प्रयास होगा ।
इस अवसर पर विधान सभा सचिवालय की विधायनी पत्रिका के साथ प्रबोधन कार्यक्रम की पृष्‍ठाधार सामग्री का भी विमोचन किया गया । प्रबोधन कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्‍यमंत्री कमलनाथ, विधान सभा अध्‍यक्ष एन.पी.प्रजापति, विधान सभा उपाध्‍यक्ष सुश्री हिना कावरे, नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव, संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविन्‍द सिंह, महासचिव लोकसभा श्रीमती स्‍नेहलता श्रीवास्‍तव एवं प्रमुख सचिव विधान सभा ए.पी.सिंह ने दीप प्रज्‍जवलित कर प्रबोधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
प्रबोधन कार्यक्रम के अंतिम दिन रविवार 7 जुलाई को प्रथम सत्र में सुरेश पचौरी, पूर्व संसदीय कार्य मंत्री, भारत सरकार द्वारा लोक महत्‍व के विषयों पर,द्वितीय सत्र में पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बजट प्रक्रिया तथा अनुदान मांगों पर, तृतीय सत्र में दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्‍यमंत्री मध्‍यप्रदेश एवं राज्‍य सभा सदस्‍य द्वारा प्रश्‍नकाल तथा प्रश्‍नों से उदभूत होने वाली आधे घण्‍टे की चर्चा पर तथा चतुर्थ एवं अंतिम सत्र में पूर्व महासचिव, लोक सभा डॉ. सुभाष सी. कश्‍यप द्वारा संसदीय विशेषाधिकार विषयों पर व्‍याख्‍यान दिये जाएंगे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *