बंगाल में जारी हिंसा को रोकने के लिए कोलकाता से आए भक्तों ने बाबा से की सामूहिक प्रार्थना

उज्जैन,महाकाल मंदिर में शुक्रवार से शुरू हुए हवनात्मक महारूद्राभिषेक अनुष्ठान के पहले दिन 60 पंडितों ने पांच कुंडों में 1 लाख 60 हजार आहुतियां डाली। यह यज्ञ सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 12 घंटे निरंतर मंदिर की यज्ञशाला में किया गया। तीन दिन के दौरान इस पूरे अनुष्ठान में 2 लाख 19 हजार 131 आहुतियां डाली जाएगी इससे एक महारूद्र यज्ञ संपन्न होगा।
महाकाल मंदिर के पुजारी पं. रमण त्रिवेदी, दिनेश त्रिवेदी के सानिध्य में अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। कोलकाता से आई महाकाली देवी व उनके साथ आए 45 भक्तों ने एक साथ बाबा महाकाल से बंगाल में व्याप्त हिंसा को रोकने की सामूहिक प्रार्थना की। इसके पश्चात सभी देश में अच्छी बारिश के लिए व आम जनता की सुख-समृद्धि की कामना भी की। पुजारी समाहित त्रिवेदी, उमेश त्रिवेदी ने बताया हवनात्मक महारूद्राभिषेक अनुष्ठान में विशेष रूप से राजस्थान से 40 पंडित यहां आए हुए है। वहीं उज्जैन के 20 विद्वान पंडित भी शामिल है। यह अनुष्ठान शनिवार को भी सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगा। 30 जून को दोपहर में 12 बजे इसकी पूर्णाहुति की जाएगी। कोलकाता की भक्त महाकाली देवी ने द्वारा मुख्य रूप से बंगाल में जारी हिंसा रोकने की कामना से महाकाल में यज्ञ का संकल्प लिया था। संकल्प पूरा करने के लिए उन्होंने यहां अनुष्ठान शुरू कराया। महाकाल मंदिर में यह पहला मौका जब जनकल्याण, विश्वकल्याण और बारिश के साथ ही किसी राज्य में हिंसा को रोकने की कामना से अनुष्ठान कराया जा रहा है। आम लोग मंदिर की यज्ञशाला में अनुष्ठान दर्शन के लिए पहुंचे।
-यज्ञ के साथ 31 पंडितों द्वारा महामृत्युंजय का पाठ
यज्ञ के साथ ही यज्ञशाला प्रांगण में 31 पंडितों ने शुक्रवार से महामृत्युंजय जाप भी शुरू किए। यह जाप बंगाल में जारी हिंसा की चपेट में लोगों के लिए किए जा रहे हैं। निर्दोष लोग जिनका इससे कोई लेना देना नहीं है। भक्तों द्वारा हवन, पूजन यज्ञ, जाप आदि के जरिए हिंसा रोकने की कामना की जा रही है।
-आज महाकाल में फूल बंगला, भांग शृंगार व 56 भोग
कोलकाता से आए भक्तों द्वारा भगवान महाकाल को प्रसन्न करने के लिए गर्भगृह, नंदीहॉल व इसके आसपास फूलों की सजावट कर फूल बंगला सजाया जाएगा। शाम को संध्या आरती से पहले बाबा का भांग व ड्रायफ्रूट्स से विशेष शृंगार होगा व 56 भोग लगाया जाएगा।

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