नई दिल्ली, लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की रिकॉर्ड जीत के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में एनडीए संसदीय दल की बैठक में शनिवार को संसद के सेंट्रल हॉल में सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को भाजपा संसदीय दल और फिर एनडीए के संसदीय दल का नेता चुन लिया गया है। एनडीए संसदीय दल का नेता चुने के बाद मोदी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह 30 मई को रामलीला मैदान पर होने की संभावना है।
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल के नेता के तौर पर मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह और नितिन गड़करी ने इसका समर्थन किया। इसके बाद भाजपा के सभी नवनिर्वाचित सांसदों ने हाथ उठाकर अपनी सम्मति जाहिर की। इसके बाद एनडीए की ओर से अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल ने एनडीए संसदीय दल के नेता के रूप में मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर जेडीयू के नीतिश कुमार, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, एलजीपी के रामविलास पासवान, एआईएडीएमके के के. पलानीसामी सहित एनडीए के अन्य सहयोगी दलों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। इसके साथ ही तालियों की गडग़ड़ाहट से सेंट्रल हॉल गूंज उठा और मोदी-मोदी के नारे भी लगे। शाह ने सभी घटक दलों का आभार व्यक्त किया।
इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्रीय कैबिनेट की सलाह पर 16वीं लोकसभा के भंग होने के आदेश जारी कर दिया है। वहीं, ईसीआई सहित तीनों चुनाव आयुक्तों ने राष्ट्रपति को विजयी हुए उम्मीदवारों की सूची सौंपी। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने शुक्रवार को ही राष्ट्रपति को अपना व मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंप दिया था।
आडवाणी और जोशी से लिया आशीर्वाद
नेता चुने जाने के बाद मोदी ने वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर एनडीए के सभी नेताओं ने मोदी को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मोदी को फिर चुना गया एनडीए संसदीय दल का नेता