भोपाल, लोकसभा चुनाव के बीच शनिवार को भाजपा ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया । इसमें खासतौर पर कानून व्यवस्था, किसानों की कर्जमाफी, बिजली और बेरोजगारी के मसले शामिल किये गए है। आरोप पत्र पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जारी किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि किसी सरकार के बनने के चार महीने में ही उसके खिलाफ आरोप पत्र जारी करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। ट्रांसफर को सरकार ने उद्योग बना रखा है। उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार जनविरोधी और किसान विरोधी है। वही आरक्षण को लेकर उन्होने कहा कि पिछड़े वर्ग को आरक्षण के नाम पर धोखा दिया गया है। 14 से 27 प्रतिशत करना इतना ही आसान होता तो क्या मैं नहीं कर देता। मैं जानता हूँ कि संविधान में संशोधन के बिना यह संभव नहीं है। शिवराज ने आगे कहा कि दिग्विजय के विजन पर हंसी आती है। समझ नही आता सरकार की चाभी किसके पास है।लोग मोदी को पीएम बनाना चाहते हैं अब लहर नही मोदी के नाम पर आंधी चल रही है। इस दौरान शिवराज ने चित्रकूट हत्याकांड श्रेयांस और प्रयांस सहित डीएसपी की हत्या नाबालिग के दुष्कर्म और हत्या को लेकर भी सवाल उठाए।
बिजली बिल साफ हो गया
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने बिजली बिल हाफ करने की बात की थी, लेकिन हाफ नहीं, बल्कि साफ हो गई है। सीएम कमलनाथ वोट देने गये तो मतदान केंद्र की ही बिजली चली गई और दिग्विजय सिंह तो सभा करने के लिए साथ जनरेटर लेकर चल रहे हैं। आश्चर्य की बात है कि कमलनाथ बिजली जाने के लिए भी भाजपा को दोषी ठहरा रहे हैं। अगर इसमें भाजपा का हाथ है तो आप मुख्यमंत्री हो, पकड़ते क्यों नहीं। यदि आपके रहते कोई गड़बड़ कर रहा है, तो आप इस लायक ही नहीं हो कि सरकार संभालो।
कर्जमाफी पर साधा निशाना
शिवराज ने कहा कि राहुल गांधी ने 10 दिन में कर्ज माफी का वादा किया था, लेकिन 4 महीने बीत गये अब तक कर्ज माफ नहीं हुआ है। अब कांग्रेस के एक विधायक कह रहे हैं कि 10 दिन में तो गोद भराई होती है, बच्चा पैदा होने में 9 महीना लगता है। दूसरे कह रहे हैं कि पैसा ही नहीं है। किसान ठगा गया है।युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा कांग्रेस ने किया था, लेकिन आज तक एक भी युवा को नहीं दिया गया है। मोबाइल फैक्टरी और फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का वादा था, इस दिशा में भी अब तक कोई काम नहीं हुआ है। किसान कर्जमाफी पर ठगी का शिकार हुआ है। जिनका कर्ज 1 लाख है, उनका 1 हज़ार रुपया माफ हुआ है।खरगौन मे दिलू बंजारा नामक किसान ने कर्ज के चलते खुदकुशी कर ली। अब तो राहुल को सच बोलना चाहिए।
भाजपा ने आरोप पत्र से कर्जमाफी, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और तबादलों पर नाथ सरकार को घेरा