दुर्ग,दुर्ग केन्द्रीय जेल के एक सजायाप्ता कैदी की शनिवार की रात मौत हो गई। वह मानसिक रूप से कमजोर था और अपनी पत्नी की नृशंस हत्या मामले में आजीवन सजा काट रहा था। पोस्टमार्डम उपरांत कैदी के शव को पुलिस ने उसके परिजनों के सुपूर्द कर दिया है। पुलिस द्वारा पोस्टमार्डम प्रक्रिया की बकायदा विडियोग्राफी भी करवाई गई हैं। पद्मनाभपुर पुलिस चौकी ने मर्ग कायम कर मामले को जाँच पर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृत सजायाप्ता कैदी बैकुंठनाथ यादव 59 वर्ष पिता गौतम यादव मूलत: उड़ीसा के ग्राम गंधरेला थाना सिंधाईकला जिला बलांगीर का निवासी था। मानसिक रूप से कमजोर कैदी की 30 मार्च को स्वास्थ बिगडऩे पर जेल प्रबंधन द्वारा उसे भिलाई सुपेला स्थित आरोग्यम मनोचिकित्सा एवं नशा उन्मूलन केन्द्र में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया था। जहाँ उसने शनिवार की रात दम तोड़ दी। पुलिस ने बताया कि मृत कैदी बैकुंठनाथ यादव उड़ीसा से छत्तीसगढ़़ आने पर ग्राम कचांदूर (जेवरा-सिरसा) स्थित एक सब्जी बाड़ी में अपने परिवार समेत निवासरत रहकर कार्य करता था। सन् 2011 में बैकुंठनाथ ने अपनी पत्नी सावित्री यादव की हत्या कर दी थी। घटना के समय रात में उसकी पत्नी सो रही थी, तब बैकुंठनाथ ने टंगिया से पत्नी का गला काट कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। हत्या के बाद बैकुंठ पकड़ा गया। जिसके बाद से वह दुर्ग केन्द्रीय जेल में आजीवन सजा काट रहा था, मृतक बैकुुंठनाथ के दो पुत्र व एक पुत्री हैं। उसके दोनों पुत्र बोरसी भाटा के निवासी हैं। पिता के मौत की खबर जेल प्रबंधन द्वारा पुत्रों को भी दी गई। माँ की हत्या के बाद पुत्रो व सजायाप्ता कैदी पिता के बीच संबंध ठीक नहीं थे। लंबे अर्से बाद पुत्रों ने अपने पिता को देखा, वह भी मृत अवस्था में। सजायाप्ता कैदी बैकुंठनाथ का शव पुलिस ने उनके पुत्रों व परिजनों के सुपूर्द कर दिया है।
पत्नी के हत्यारे सजायाप्ता कैदी की इलाज के दौरान मौत