मुंबई, लोकसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। महाराष्ट्र में सत्तारुढ़ भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन के भविष्य पर संकट बना हुआ है तो दूसरी ओर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बीच महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों का करीब-करीब बंटवारा हो गया है। यानि कांग्रेस और एनसीपी ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात देने की कोशिश में एक साथ लडऩे का फैसला लिया है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के साथ लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में गठबंधन का ऐलान किया।
पटेल ने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस ने महाराष्ट्र में एक साथ लोकसभा चुनाव लडऩे का फैसला लिया है। हम 40 संसदीय सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगे, जबकि राज्य की शेष 8 सीटों पर फैसला लिया जाना है। महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। कांग्रेस और एनसीपी ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को बैठक बुलाई थी। एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी उस बैठक में शामिल हुए। लेकिन, दोनों पार्टियों के बीच 8 सीट का पेंच अभी तक फंसा हुआ है, जिस पर कोई सहमति नहीं बन सकी है। 8 सीटों पर सहमति नहीं बनी उनमें पुणे और अहमदनगर संसदीय सीट भी शामिल है। पिछले दिनों एनसीपी नेता पवार ने कहा था कि महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटों में से 8 को लेकर कांग्रेस के साथ बातचीत पूरी नहीं हो सकी है, जबकि बाकी 40 सीटों पर आपसी सहमति बन चुकी है। गौरतलब हो कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने 48 में से 40 पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को 22, जबकि शिवसेना को 18 सीटें मिली थी। कांग्रेस को तब सिर्फ दो सीटों और एनसीपी को पांच सीटों पर जीत मिली थी। 5 साल पहले हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 26 और एनसीपी ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे।
महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी में चुनावी करार, 8 सीटों पर नहीं बन पा रही सहमति