कुलदीप, जडेजा की शानदार गेंदबाजी, कंगारुओं को करना पड़ा संघर्ष ऑस्ट्रेलिया 236/6

सिडनी,विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीतने के करीब है। अभी मैच में दो दिनों का खेल शेष है। स्पिनर रविन्द्र जडेजा और कुलदीप यादव की शानदार गेंदबाजी से भारतीय टीम ने चौथे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट मैच में अपना शिकंजा कस दिया है। भारत के पहली पारी के 622 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में छह विकेट पर केवल 236 रन ही बनाये थे और वह भारतीय टीम से अभी भी 386 रनों से पीछे है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के समय पैट कमिंस 25 और पीटर हैंड्सकोंब 28 रनों पर खेल रहे थे। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दूसरे दिन के 22 रनों से आगे खेलते हुए तीसरे दिन सुबह ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत तो ठीक रही पर पहला विकेट गिरने के बाद टीम संभल नहीं पाई। टीम का पहला विकेट उस्मान ख्वाजा का गिरा। ख्वाजा 27 रन बनाकर कुलदीप यादव की गेंद पर चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच हुए। इस प्रकार ऑस्ट्रेलियाई टीम का पहला विकेट 72 रनों पर गिरा। इसके बाद जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका हैरिस का अहम विकेट लेकर दिया। हैरिस को 79 रनों के निजी स्कोर पर जडेजा ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया। वहीं मेजबानों को तीसरा झटका शॉन मार्श के रूप में लगा। मार्श केवल आठ रन बनाकर मो शमी की गेंदबाजी पर रहाणे के हाथों कैच आउट हुए। शमी ने पदार्पण कर रहे बल्लेबाज लैबुशान को 38 के निजी स्कोर पर रहाणे के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलिया को चौथा झटका दिया। इसके बाद कुलदीप ने हेड को 20 रन जबकि कप्तान टिम पेन को केवल 5 रनों पर आउट कर मेजबान टीम को दो करारे झटके दिये। पांचवां विकेट 192 और छठा इसके छह रन बाद ही 198 रनों पर गिरा। इसके बाद कमिंस और हैंड्सकोंब ने टीम को बिना किसी और नुकसान के 236 रनों तक पहुंचाया। इस सीरीज में अब तक भारतीय गेंदबाजों ने जैसा प्रदर्शन किया है उससे टीम इंडिया की जीत तय मानी जा रही है। मेजबान टीम को फॉलोऑन टालने के लिए ही 400 से ज्यादा रन चाहिये। भारत की ओर से कुलदीप ने 71 रन देकर तीन जबकि जडेजा ने 62 रन देकर दो विकेट लिए मो शमी ने 16 रन देकर एक विकेट लिया।
आस्ट्रेलिया जब छह विकेट पर 236 रन बनाकर फालोआन बचाने के लिये संघर्ष कर रहा था तब तीसरे सत्र में बारिश के कारण आगे का खेल नहीं हो पाया। इस कारण मैच समय से पहले समाप्त कर दिया गया और 83 ओवर तीन गेंदें ही फेंकीं जा सकीं।
बारिश के कारण तीसरे दिन लगभग 16 ओवर का खेल नहीं हो पाया और अब इसकी भरपाई के लिए चौथे दिन का खेल आधा घंटा पहले शुरू होगा। ऐसे में देखना है कि पीटर हैंडसकांब (नाबाद 28) और पैट कमिन्स (नाबाद 25) आस्ट्रेलियाई पारी को कहां तक ले जा पाते हैं। इन दोनों ने अब सातवें विकेट के लिये 38 रन जोड़े हैं। तीसरे दिन भारतीय तेज गेंदबाजों शमी और जसप्रीत बुमराह को खास मदद नहीं मिली पर बायें हाथ के स्पिनर जडेजा और चाइनामैन स्पिनर कुलदीप ने आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर अंकुश लगाये रखा।
सलामी बल्लेबाज हैरिस ने पहले सत्र में साहसिक बल्लेबाजी की लेकिन दूसरे सत्र में उनके भी पांव उखड़ गये। यही हाल ख्वाजा और लाबुशेन 38 का रहा जो क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने के बावजूद लंबी पारी नहीं खेल पाये जिसकी आस्ट्रेलिया को जरूरत थी। नियमित अंतराल में विकेट गंवाने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पायी। हैरिस और ख्वाजा ने पहले विकेट के लिये जरुर 72 रन जोड़े लेकिन इसके बाद कोई भी अच्छी साझेदारी नहीं निभायी गयी।

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