कंप्यूटर बाबा ने छोड़ा राज्यमंत्री का ओहदा,शिवराज के खिलाफ ‘हठ’ का एलान

भोपाल,अब तक राज्यमंत्री का दर्जा लिए रहे कम्प्यूटर बाबा को अब शिवराज और कार्यप्रणाली पर यकीं नहीं रहा उन्होंने आज पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यमंत्री का दर्जा लौटाने की घोषणा की है। सोमवार शाम राजधानी में मीडिया से बातचीत में कम्प्यूटर बाबा ने राज्य सरकार पर उपेक्षा के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने धर्म की उपेक्षा की है। सरकार द्वारा गौ मंत्रालय बनाने की घोषणा पर भी उन्होंने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सरकार संत समाज की उपेक्षा कर रही है। कम्प्यूटर बाबा का कहना था कि सरकार ने उनकी कही कई बातों पर ध्यान नहीं दिया।
उल्लेखनीय है कि कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा के संरक्षण के लिए पिछले दिनों एक यात्रा का ऐलान किया था। इससे पहले उन्होंने सरकार से अपील की थी कि वह नर्मदा नदी को संरक्षित करने के लिए अलग से एक मंत्रालय का गठन करें। उनके अनुसार नर्मदा नदी की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिए एक मंत्रालय जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार से गोरक्षा के लिए जितनी सुविधाओं की जरूरत है, उतनी ही सुविधाओं की आवश्यकता नर्मदा नदी के लिए भी है।
मांगे पूरी ना होने पर दी ये चेतावनी
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही समय बचा है। जैसे जैसे तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे वैसे सरकार की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही है। लाख घोषणाओं और ऐलानों के बावजूद सरकार के लिए ये चुनाव पथ पार करना परेशानी भरा होता जा रहा है। पहले से ही प्रदेश में एट्रोसिटी और आरक्षण का मुद्दा गर्माया हुआ है ऐसे में अब साधु-संतों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साधु-संत सरकार के खिलाफ आंदोलन पर उतर आए है। इसी सिलसिले में सोमवार भोपाल की शीतलदास की बगिया में अखिल भारतीय संतजन परमार्थ सोसायटी के बैनर तले साधु-संतों ने आंदोलन की रणनीति बनाई है।
ये है साधु-संतों की मांग
-मंदिरों के व्यवस्थापकों की जिम्मेदारी संतों की दी जाए
-प्रबंधक संत व पुजारियों को बनाया जाए
-मंदिर भूमियों का अधिग्रहण बंद किया जाए
-मठ-मंदिरों का नामांतरण हिन्दू विधि के अधीन हो
-धार्मिक कार्यों की समिति में स्थान दिया जाए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *