बिलासपुर,तालापारा में फिर से डायरिया के मरीज मिल रहे हैं। क्षेत्र के तालाब पार मलिन बस्तियों में डायरिया के चपेट में एक दर्जन लोग आ चुके हैं। जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं। वही डायरिया पीडि़तों का इलाज शहर के निजी अस्पतालों में चल रहा है। जिले में डायरिया बीमारी अपने पैर पसार रही है। कल डायरिया पीडि़त करीब दो दर्जन मरीजों को भर्ती कराया गया है। जिसमें सिम्स में 13 और जिला अस्पताल में 9 मरीज भर्ती है। शहर की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग डायरिया के चपेट में आ रहे हैं। डाक्टरों के मुताबिक शहर के तालापारा के अलावा भी सरकंडा, मोपका, तारबाहर, कोनी, सिरगिट्टी, जूना बिलासपुर जगहों पर डायरिया के मरीज मिल रहे हैं। डाक्टरों के अनुसार प्रदूषित पानी के कारण लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को बाहरी खानपान से दूर रहना चाहिये वही पानी को उबालकर पीन चाहिये। सिम्स और जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में डायरिया के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वही शहर के कई निजी अस्पतालों में भी डायरिया पीडि़त भर्ती है। और डायरिया के शिकार ज्यादातर बच्चे हो रहे हैं। जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है। गौरतलब हो कि सीपत के नगाराडीह तालापारा में डायरिया का कहर पहले भी दिख चुका है। उसके बाद भी पीएचई तथा स्वास्थ्य विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर इसी तरह हाल रहा तो एक दिन यह महामारी का रुप ले लेगा।
तालापारा में फिर फैला डायरिया