भोपाल,राजधानी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए हाइवे के सीरियल किलर्स ने पूछताछ में 14 हत्याओं के अलावा अन्य वारदातों का भी खुलासा किया है। आरोपियों ने छत्तीगढ़ में भी कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों की द्वारा कबुले गये गुनाहो कि तफ्दीश के लिए एसआईटी छग जाने की तैयारी में है। इसके साथ ही राजधानी पुलिस ने कातिल गिरोह कि सुचना चार राज्यो सहित 25 राज्यो को भी भेज दी है। अफसरो का अनुमान है कि सभी राज्यो कि पुलिस द्वारा जांच मे कई और वारदातो का खुलासा हो सकता है। पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपियों ने छग में करीब आधा दर्जन वारदातें की हैं। गिरोह का सरगना पुलिस हिरासत में अपनी करतूतें गिना रहा है। उसने पुलिस अधिकारियों के सामने बीती देर रात कहा की कई वारदातें उसे याद हीं नही है। वो जिस हाईवे से गुजरता था, वहां लूट हत्या करता कि वारदाते करते हुए आगे बढता था। पुलिस गिरोह के सरगना आदेश खांबरा से उसके रिशते के भाई अशोक खांबरा के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। अशोक के सिर 50 से अधिक हत्याओं का इल्जाम है। जानकारी के अनुसार अशोक खांबरा करीब सात साल पहले रहस्यमय हालातों में लापता हो गया था। सालों उसका कोई सुराग न पुलिस जुटा सकी और न ही उसके परिजन, बाद में परिजनों ने अखबारों में विज्ञापन देकर अशोक खंबारा की मौत की सूचना निकाली थी। हालांकि उसका शव कभी किसी को नहीं मिला। पुलिस को अशोक के जिंदा होने का भी संदेह है। इस संबंध में भी आदेश से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल उसने अशोक के संबंध में कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी है। बताया जाता है कि अशोक महराष्ट्र, मध्य प्रदेश, यूपी और दिल्ली हाईवे का सबसे प्रसिद्ध लुटेरा और हत्यारा था। उसका खौफ ऐसा था कि इन रास्तों से गुजरने में ट्रक चालकों की रूह कांपती थी।
भाई के नाम को जिंदा रखना चाहता है आरोपी
बताया जा रहा है कि आदेश खंबरा का पूरा परिवार अपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। रिश्ते के बड़े भाई अशोक के लापता होने के बाद से उनके खानदान का वर्चस्प कम हो रहा था। जिसे जिंदा रखने और भाई के नाम को आगे बड़ाने के लिए आदेश ने लूट और हत्या की वारदातें शुरू की थीं। उसके गिरोह ने अब तक कुल 14 हत्याओं का खुलासा किया है। यदि बिलखिरिया में मिली ट्रक चालक की शिनाख्त नहीं होती और चोरी का माल खरीदने वालों के जरिये पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंचती तो यह खूनी खेल लगातार जारी रहता।
इन वारदातों को दिया अंजाम
आईजी जयदीप प्रसाद का कहना है कि बीते 15 अगस्त को झागरिया पठार में मिली माखनलाल ड्राइवर की लाश मामले के आरोपी भी यह गिरोह था। आरोपियों ने बीते 22 अगस्त को मिसरोद इलाके से चीनी से भरा एक ट्रक भी चुराया था। जिसे आरोपियों ने यूपी में बेच दिया था। जहां से आरोपियों को दबोच लिया गया। पूर्व में इस गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी को जेल भेजा जा चुका है। आईजी प्रसाद का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ में अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की उमीद है।
देश भर में की वारदातें
आरोपियों ने भोपाल सहित यूपी, महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों में वारदातों को अंजाम दिया है। सभी वारदातों में बदमाशों का तरीकाए वारदात समान होता था। भोपाल पुलिस की गिर त में आने के बाद महाराष्ट्र पुलिस भी आरोपियों को रिमांड पर ले सकती है।