भोपाल, पिछले करीब पांच दिनों से आसमान पर बादल डेरा जमाए हुए थे, लेकिन कल शाम से रिमझिम फुहारे पडने लगी थी। फुहारों का दौर दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात में जमकर बारिश भी हुई। इससे शहर में बारह साल बाद सितंबर के महीने में ठिठूरन महसूस की गई। साथ ही करीब 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के कारण शहर दिनभर ठंड से सिहरता रहा। दिन का अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री से. दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है। इसके पूर्व सितंबर-2006 में अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री से.दर्ज हुआ था। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मप्र के ऊपर अति कम दबाव का क्षेत्र बना रहने के साथ ही प्रदेश के आसपास भी कई मानसूनी सिस्टम (ऊपरी हवा के चक्रवात) सक्रिय हैं। इस वजह से आसमान पर लगातार बादल छाए हैं। उधर बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ा सिस्टम अति कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर उत्तर-पूर्वी मप्र व उसके आसपास सक्रिय हो गया है। इस कारण कई स्थानों पर बारिश शुरू हो गई है।
भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के आधार पर एनडीएमए ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्र, सिक्किम, झारखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, कोंकण, गोवा, विदर्भ और तेलंगाना में भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) ने शुक्रवार को देश के 22 राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जाहिर किया है। लोगों को हताहत होने से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपाय अपनाने को कहा है। इसके साथ ही एनडीएमए ने 25-35 किमी से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी भी दी है। तेज हवाओं का असर ओडिशा के भीतरी हिस्से, छत्तीसगढ़ और झारखंड में शनिवार तक रहेगा।
40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवा,दिन में हुआ ठिठूरन का अहसास