मुंबई,वैश्विक शेयर बाजारों में रही तेजी के बावजूद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आई भारी गिरावट के बीच स्थानीय स्तर निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली से घरेलू बाजार खासी गिरावट पर बंद हुआ। शुक्रवार को कारोबारी सप्ताह की समाप्ति पर सेंसेक्स 256 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ 38,390 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 92 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ 11,589 पर बंद हुआ। पांच सत्रों वाले सप्ताह में तीन दिन गिरावट और दो दिन तेजी रही।
सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सेंसेक्स 333 अंक गिरकर 38,313 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 98 अंक उतरकर 11,582 पर बंद हुआ।
मंगलवार को सेंसेक्स में 155 और निफ्टी में 62.5 अंक की गिरावट रही जबकि बुधवार को सेंसेक्स 140 और निफ्टी 43 अंक उतर गया। तीन दिनी गिरावट के बाद गुरुवार को बाजार ने तेजी दिखाई और
सेंसेक्स 224.5 अंक और निफ्टी 60 अंक उछल गया। कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 147 अंक चढ़ने के बावजूद 256 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ 38,390 पर बंद हुआ इसी तरह निफ्टी 52 अंक उछलने के बावजूद 92 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ 11,589 पर बंद हुआ।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपया की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि के साथ साथ देशी विदेशी निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते भारतीय बाजारों में गिरावट देखने को मिली।
बीते सप्ताह सेंसेक्स में विप्रो, इंफोसिस, टीसीएस, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, भारती एयरटेल और सन फार्मा जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी रही जबकि यस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी इंडिया, एचडीएफसी, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, ओएनजीसी, एशियन पेंट्स, आईटीसी, और अडानी पोर्ट्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही।
रूपये की कमजोरी और मुनाफावसूली से बाजार में रही गिरावट