भोपाल,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। गुरुवार को उनका यह बयान उस वक्त सामने आया जबकि वे दिल्ली से लौटकर आनंद संस्था के व्याख्यान कार्यक्रम में पहुंचे। इस कार्यक्रम से विदा लेते हुए कहा कि दुनिया में कोई भी परमानेंट नहीं, अब मैं तो जा रहा हूं, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है। यह करते हुए वे रवाना हो गए। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे। सभा को संबोधित करते समय उन्होंने कहा कि आज मेरा झाबुआ और अलीराजपुर में कार्यक्रम है, जिस कारण मुझे स्वामी सुखबोधानंद गुरुजी से अनुमति लेकर जाना पड़ रहा है। यहां से गुजरते समय सीएम की खाली कुर्सी की ओर इशारा करते हुए सीएम ने कहा कि अब ये माननीय मुख्यमंत्री लिखी कुर्सी खाली है, जिस पर कोई भी बैठ सकता है। यह करते हुए वे मुस्कुराकर वहां से चले गए।
कमलनाथ का तंज- चुनाव में वक्त है, अभी से हताश हुए शिवराज
प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भी शिवराज के बयान पर चुटकी ली। उन्होंने कहा- शिवराज सिंह को हकीकत समझ आने लगी है, अभी चुनावों में वक्त है, शिवराज अभी से हताश होने लगे है। अपने आप को मामा कहने वाले शिवराज के राज में हर वर्ग परेशान है। अब शिवराज सिंह को भी हकीकत समझ आने लगी है। इसलिए वो ऐसा बोलने लगे हैं। कमलनाथ ने कहा अभी चुनावों में वक्त है, लेकिन शिवराज सिंह अभी से हताश होने लगे है। वहीं सरकार की दलित-पिछड़ा वर्ग को साधने की रणनीति पर कमलनाथ ने कहा अब वक्त हिसाब देने का है, कैसा भी महाकुम्भ कर ले बीजेपी का अब कुछ भला नहीं होने वाला है।
सीएम इस्तीफा दे दें
कांग्रेस विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा मुख्यमंत्री को सच्चाई स्वीकारने के लिए धन्यवाद। उन्होंने सीएम जनता से माफी मांग कर इस्तीफा दे दें और और कुर्सी छोड़कर घर जाएं।
मेरे मित्र मजाक पर आनंदित हो गये
शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस नेताओं पर पलटवार किया। कार्यक्रम में मेरे लिए आरक्षित रखी गई कुर्सी को लेकर थोड़ा सा मजाक क्या कर लिया। कुछ मित्र अत्यंत आनंदित हो गए। चलो, मेरा आनंद व्याख्यान में जाना सफल हो गया।