लखनऊ,उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा राज्य के मध्य पारस्परिक परिवहन करार आज सूरजकुण्ड हरियाणा में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी एवं हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, के साथ ही उ0प्र0 के परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पवार उपस्थिति थे.
दोनों राज्यों की जनता को लगभग 35 वर्ष के अन्तराल के उपरान्त एक दूसरे के राज्य में संचरण की सुविधा सुलभ कराने के अवसर पर योगी भाव-विभोर हो बैठे।
गौरतलब है उत्तर प्रदेश राज्य अपनी वृहद आबादी एवं सांस्कृतिक धरोहरों एवं कला का धनी प्रदेश है वहीं हरियाणा राज्य अपनी उन्नत कृषि तकनीकी एवं औद्योगीकरण के लिए देश में अग्रणी है। ऐसे में राज्य सरकार के लोक कल्याण संकल्पों के अनुसार प्रदेश के ग्रामीण जनों को जहां अपने कृषि उत्पादों में वर्धन के साथ-साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा राज्य की सुविधाएं मिलेगी, वही हरियाणा राज्य को देश के सबसे बड़े आबादीयुक्त प्रदेश में अपने उत्पादों के लिए खुला बाजार उपलब्ध होगा। इस ऐतिहासिक करार को इस दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि विगत वर्षों में हरियाणा राज्य के नवविकसित शहर यथा गुरूग्राम, फरीदाबाद आदि उत्तर प्रदेशवासियों को शैक्षिक, व्यवसायिक एवं सेवा अवसर प्रदान करने के केन्द्र बिन्दु रहे हैं, परन्तु एक समानान्तर सत्य के रूप में सीधी परिवहन सेवाओं से पूर्णतया वंचित भी थे। ऐसे में जहां उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा राज्य संयुक्त रूप से 298 मार्गों पर क्रमशः 67378 किमी0 व 66581 किमी0 बस सेवाओं का दैनिक संचालन करेंगे। निःसंदेह इससे दोनों राज्यों के मध्यम सामाजिक संबंधों को भी प्रगाढ़ता मिलेगी। यह बहुप्रतीक्षित समझौता इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश को उत्तरी भारत के प्रमुख प्रदेशों यथा पंजाब व जम्मू कश्मीर से भी सीधी संबद्धता का लाभ मिलेगा जिससे विभिन्न उद्देश्यों से समुदायों के धार्मिक स्थल भी आम जनता की पहुंच में आ जायेंगे।
UP में हरियाणा के उत्पादों के लिए खुला बाजार होगा,दोनों राज्यों के बीच परिवहन करार भी