भोपाल,टीकमगढ़ जिले में सूखे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के थाने में कपड़े उतरवाने और मारपीट के मामले में पुलिस ने जांच अधिकारी के सामने अजीब तर्क दिया है। पुलिस ने जांच अधिकारी डीआईजी केसी जैन को बताया कि किसान बेकाबू हो गए थे। इसलिए थाने लाए। कोई आत्महत्या न कर ले इसलिए उनके कपड़ उतरवाए थे। पुलिस के इस तर्क से सरकार बेहद नाराज है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे में टीआई को निलंबित किया जाएगा और एसपी समेत अन्य पुलिस अफसरों पर भी गाज गिर सकती है। इधर प्रदेश भाजपा टीकमगढ़ घटना का ठीकरा असामाजिक तत्व और कांग्रेसियों पर फोड़कर राजनीतिक रंग देने में जुटी है।
गौरतलब है कि किसानों को अद्र्धनग्न करके थाने में मारपीट की घटना से मुख्यमंत्री बेहद नाराज हैं। इसी मामले की जांच के लिए गृहमंत्री को निर्देशित किया था। क्योंकि मंगलवार को जब किसान कलेक्टर को ज्ञापन देने गए थे, तभी किसानों के बीच से पथराव किया गया था। जिला प्रशासन ने तत्काल राज्य सरकार को सूचित किया। सरकार से स्थिति संभालने के निर्देश मिलने के बाद ही जिला प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करने के निर्देश दिए। इसके बाद किसान वापस चल दिए। रास्ते में नारेबाजी करते हुए जा रहे थे। तभी थाना टीआई ने बड़ी संख्या में पुलिस बल लेकर पहुंचे और किसानों को थाने ले आए। जहां किसानों से कपड़े उतरवाए गए। आरोप हैं कि किसानों के साथ जमकर मारपीट की गई। मुख्यमंत्री इसलिए नाराज हैं कि अभी तक टीआई को निलंबित क्यों नहीं किया। स्थानीय सूत्र बताते हैं कि घटना की पुष्टि होने की वजह से किसी को निलंबित नहीं किया गया। जांच अधिकारी इस संबंध में कुछ लोगों के और बयान लेंगे।
किसानों की पिटाई मामले में पुलिस का तर्क,थाने में आत्महत्या न करते किसान इसलिए उतरवाये थे कपड़े