भोपाल, प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने ज्वाइन नहीं करने वाले बांडेड डॉक्टरों को चेतावनी दी है कि अक्टूबर अंत तक इंटरव्यू के लिए नहीं आने पर बांड की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी। दो बार की काउंसलिंग के बाद भी एमबीबीएस व पीजी बांडेड डॉक्टरों में 513 ने ज्वाइन नहीं किया। इसी तरह से पीएससी चुने जाने के बाद भी 170 डॉक्टरों ने ज्वाइनिंग में कोई रुचि नहीं दिखाई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन डॉक्टरों को ‘पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर अच्छी जगह पोस्टिंग का प्रलोभन दिया। इसके लिए गत 4 अक्टूबर से वाक-इन-इंटरव्यू शुरू किए गए। बांडेड व पीएससी चयनित डॉक्टर मिलाकर 683 डॉक्टरों की सूची में सिर्फ 5 ही इंटरव्यू के लिए पहुंचे। राज्य शासन के तरह-तरह के प्रलोभन के बाद भी जूनियर डॉक्टर्स ग्रामीण क्षेत्रों सेवाएं देने को तैयार नहीं है। हालांकि इन डॉक्टरों के अलावा करीब 40 डॉक्टरों का चयन इंटरव्यू के जरिए किया गया।
मालूम हो कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के चलते सरकार ने एमबीबीएस व पीजी के बाद एक-एक साल की अनिवार्य ग्रामीण सेवा का नियम बनाया है। एमबीबीएस के लिए 5 व एमडी -एमएस के लिए 10 लाख रुपए का बांड है। एक साल की सेवा नहीं करने पर यह राशि जमा करना होती है। एमबीबीएस वाले डॉक्टर को सरकार 26 हजार रुपए, एमडी-एमएस डॉक्टर को 38 हजार व पीजी डिप्लोमा वाले को 36 हजार एकमुश्त पारिश्रमिक (मानदेय) देती है। 2013 के बाद से उनका पारिश्रमिक नहीं बढ़ाया गया है। उन पर मप्र सिविल सेवा आचरण नियम की शर्तें लागू होती हैं, लेकिन महीने में सिर्फ एक दिन की छुट्टी मिलती है। इस वजह से बांडेड डॉक्टर ज्वाइन नहीं करना चाहते। वहीं मप्र मेडिकल आफीसर्स एसोसिएशन प्रेसीडेंट, डॉ. डीके गोस्वामी का कहना है कि कम वेतन-भत्ते, आने-जाने व रहने की सुविधाएं और सर्विस कंडीशन अच्छी नहीं होने के चलते डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों नहीं जाना चाहते। डॉक्टर को 26 हजार पारिश्रमिक मिलता है, इसलिए वह एक साल की सेवा की जगह बांड राशि जमा करना बेहतर मानता है। इस बारे में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री शरद जैन का कहना है कि मेरी जानकारी में यह बात नहीं है कि बांडेड डॉक्टर्स का वेतन स्टायपेंड से कम है। ऐसा है तो इस विसंगति को सुधारा जाएगा। हम इसे चैक कराएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने बांडेड डॉक्टरों को दी चेतावनी,इंटरव्यू नहीं देने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई