नई दिल्ली, नीतिश के लालू का साथ छोड़कर भाजपा के साथ मिलकर दुबारा सरकार बनने के बाद लगाने लगा था कि शायद अब बिहार में जदयू में सबकुछ ठीक होने वाला है। लेकिन पिक्चर अभी बाकी है। इस पूरे मामले में शरद यादव के नेतृत्व वाले जदयू गुट ने चुनाव आयोग (ईसी) का रुख करते हुए दावा किया कि वह ”असल” पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और राष्ट्रीय परिषद के ज्यादातर सदस्य उनके साथ हैं। जदयू के यादव को पत्र लिखे जाने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें शरद यादव के वकीलों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर दावा किया कि वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। लिहाजा इसके चुनाव चिन्ह पर उनका दावा है। इस मामले में शरद गुट के करीबी और पूर्व महासचिव अरुण श्रीवास्तव ने कहा,हमारे वकील चुनाव आयोग गए, उन्होंने चुनाव आयोग से ये कहा कि जिन लोगों ने जेडीयू की स्थापना की थी, वही लोग शरद यादव के नेतृत्व में जदयू के असली हकदार हैं। उन्होंने यह भी कहा,हमने ये दावा पेश किया है चुनाव आयोग के सामने कि 14 राज्य यूनिटें हमारे साथ हैं…ज्यादातर राज्यों के अध्यक्ष हमारे साथ हैं इसलिए जदयू हमारी है,हमारी ही रहेगी।
शरद यादव के इन विद्रोही तेवर के साथ साफ हो जाता हैं कि शरद यादव के साथ ही इस गुट के अली अनवर, अरुण श्रीवास्वत और रमई राम 27 अगस्त को होने वाली लालू प्रसाद यादव की रैली में भाग लेने जा रहे है। इससे पहले जदयू ने अपने पत्र में शरद यादव से रविवार को पटना में होने वाली राष्ट्रीय जनता दल(राजद) की रैली में शामिल नहीं होने के लिए कहा था। यह भी कहा गया था कि यदि वह इसमें शामिल होते हैं तो वह ”पार्टी के सिद्धांतों” के खिलाफ काम करते हैं,अपने महासचिव केसी त्यागी द्वारा यादव को भेजे एक राजनीतिक संदेश में कहा गया है कि इसका मतलब यह होगा कि वह स्वेच्छा से पार्टी छोड़ रहे हैं। शरद यादव ने इससे पहले कहा था कि वह राजद की रैली में शामिल होंगे और शनिवार को पटना के लिए रवाना होने वाले है।
JDU में शुरु हुई चुनाव चिन्ह की लड़ाई, शरद गुट पहुंचा EC, रविवार को लालू की रैली में होंगे शामिल