मप्र के एक लाख 71 हजार ग्रामीणों को मिले अधिकार अभिलेख

भोपाल,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश गजब है और देश का गौरव भी, साथ ही मध्यप्रदेश में गति भी है और विकास की ललक भी। यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश की जनता के हित में योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए दिन-रात एक कर बेहतर तरीके से लागू किया जा रहा है। यह जब-जब मैं देखता हूँ मुझे बहुत आनंद आता है। मध्यप्रदेश ने खास अंदाज में स्वामित्व योजना में भी बेहतर काम किया है। मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लैंड डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर अग्रणी बनकर उभरा है। पीएम ने कहा “एमपी है तो गजब है। एमपी देश का गौरव भी है। एमपी में गति भी है और विकास की ललक भी है। लोगों के हित में कोई योजना बनते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में उस योजना को जमीन पर उतारने दिन रात एक कर दिया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी आज स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश के 19 जिलों के 3 हजार गाँव के एक लाख 71 हजार ग्रामीणों को वर्चुअली अधिकार अभिलेखों का वितरण कर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। हरदा जिला मुख्यालय पर आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्रियों सहित मध्यप्रदेश के मंत्री भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री रेन्द्र मोदी ने अधिकार अभिलेखों का वितरण कर हरदा, डिंडौरी और सीहोर जिले के अधिकार अभिलेख प्राप्त हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद भी किया।
गाँवों को आर्थिक मजबूती देगी स्वामित्व योजना
मोदी ने कहा कि मुझे संतोष है कि मध्यप्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना कागज आसानी से मिल रहा है। नागरिकों को आबादी की भूमि पर मालिकाना हक देकर उन्हें सशक्त और आत्म-निर्भर बनाया जा रहा है। मेरा विश्वास है कि मध्यप्रदेश में जल्द ही सभी गाँवों में अधिकार अभिलेख मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गाँव में बसती है। भारत के गाँवों की जो ताकत है वह गाँव के लोगों की जमीन है। उसका उपयोग लोग अपने विकास में नहीं कर पाते हैं। विवाद, लड़ाई-झगड़े और न जाने कितनी मुश्किलें उन्हें झेलना पड़ती हैं। गांधी जी ने भी इसे लेकर चिंता जाहिर की थी। इस क्षेत्र में सुधार हमारी जिम्मेदारी बनती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तभी इस पर काम शुरू कर दिया था। किसी भी कार्य के लिए यदि सही प्रयास किया जाए तो सब कुछ सार्थक होता है। स्वामित्व योजना के जो लाभ आज दिख रहे हैं, वह देश के बहुत बड़े अभियान का हिस्सा है। यह गाँवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी गाँवों में शीघ्र ही अधिकार अभिलेख मिल जायेंगे। अनेक तरह के भूमि विवादों से मुक्ति मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वे गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में इस महत्वपूर्ण कार्य को प्रारंभ कर चुके हैं। इसलिए इस योजना के वास्तविक लाभ से परिचित हैं। किसी भी देश में नागरिकों के पास संपत्ति के कागजात होना ही चाहिए। पी.एम. स्वामित्व योजना जन-भागीदारी से सफलता प्राप्त करेगी
ग्रामों की आर्थिक मजबूती की ठोस योजना
मोदी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जब मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्होंने सबसे पहले गरीब कल्याण योजना के माध्यम से जनसेवा की नई शुरूआत की थी। शिवराज जी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में टेक्नालॉजी के उपयोग के साथ कार्य हो रहे हैं। स्वामित्व योजना के लाभ, जो आज दिखाई दे रहे हैं, वे एक बड़े राष्ट्रीय अभियान का ही हिस्सा है। ग्रामों की आर्थिक मजबूती के लिये यह ठोस योजना है। गृह निर्माण के लिये ऋण की प्राप्ति भी इससे आसान हो जाएगी। बैंकिंग व्यवस्था का लाभ जरूरतमंद लोगों को आसानी से प्राप्त हो सकेगा।
किसानों को मिले क्रेडिट कार्ड, 80 करोड़ को मिला मुफ्त अनाज
मोदी ने कहा कि किसान क्रेडिट योजना ने किसानों को राहत पहुँचाई है। दो करोड़ से अधिक किसानों को बैंक से बिना गारंटी के ऋण की राह आसान हुई है। करीब 15 लाख करोड़ रूपये की राशि मुद्रा योजना के माध्यम से पहुँची है। इसी तरह करीब 8 करोड़ बहनें स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं, इन्हें जन-धन खाते से भी लाभ मिला है। अब महिला स्व-सहायता समूहों को ऋण में दोगुनी राशि प्राप्त हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में काफी मुश्किलें भी आईं। सरकार ने 80 करोड़ नागरिकों के लिये नि:शुल्क अनाज की जो व्यवस्था की, उसमें मध्यप्रदेश के किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है। आयुष्मान भारत योजना ने भी महिला, बच्चों और गरीबों को रोगों से बचाने और उनकी परिश्रम की पूंजी बचाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कल से नवरात्रि पर्व शुरू हो रहा है, सभी नागरिकों को इसके लिये बधाई देता हूँ।

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