ईओडब्ल्यू ने 25 से अधिक पुराने मामलों में अदालत में पेश की खात्मा रिपोर्ट

भोपाल, दस साल से लंबित मामलों में आर्थिक अपराध अनुसंधान प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) खात्मा लगा रहा है। ईओडब्ल्यू ने हाल ही में 25 से अधिक मामलों में खात्मा रिपोर्ट पेश की है। जिन मामलों में एफआइआर हो चुकी है, उनकी जांच में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। इस कवायद का उद्देश्य बेनतीजा रही शिकायतों का बोझ कम करना है। उल्लेखनीय है कि जांच एजेंसी के पास अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। लंबित मामले कम होने से चुनींदा प्रकरणों पर काम किया जा सकेगा। बता दें ‎कि आर्थिक अपराध से संबंधित मामलों की शिकायत कोई भी व्यक्ति ईओडब्ल्यू में कर सकता है। इनकी जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाती है। जांच के बाद एफआइआर की कार्रवाई की जाती है। शिकायतों की संख्या काफी अधिक होने से मामले लंबित होते जाते हैं।अब जांच एजेंसी की ओर से तय किया गया है कि वर्ष 2011 तक के उन मामलों में खात्मा किया जाए, जिनमें अभी तक कार्रवाई का ठोस आधार नहीं मिला है। इससे लंबित मामलों में कमी आएगी और पुरानी जांचों का अधिकारियों को किया गया आवंटन कम होगा। जांच अधिकारियों की कमी गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू में लंबे समय से जांच अधिकारियों की कमी है। इनकी पूर्ति भी नहीं की जा रही है। इसका असर काम पर पड़ता है। बताया जा रहा है कि बल कम होने के कारण एक-एक अधिकारी के पास निर्धारित संख्या से अधिक प्रकरण हैं, जिससे इनकी जांच और निराकरण में भी देरी हो रही है। इस बारे में ईओडब्ल्यू के प्रभारी महानिदेशक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि अधिकारियों से कहा गया है कि ऐसे मामले, जिनमें कार्रवाई की जा सकती है, उनकी जांच में तेजी लाकर किसी नतीजे पर पहुंचा जाए। जिन शिकायतों में कार्रवाई का आधार नहीं है, उन्हें समाप्त किया जाए। अभी ऐसे 25 से अधिक मामलों को समाप्त किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *