जबलपुर, केंट बोर्ड में आज से अधिकारियों की सत्ता का दौर शुरू हो गया है। केंट में बीता बुधवार जनप्रतिनिधि कार्यकाल का आखिरी दिन था। गुरूवार से केंट बोर्ड में अधिकारी राज कायम हो गया। अब आम नागरिकों को अपनी हर समस्या के लिए अधिकारियों के पास जाकर गुहार लगानी होगी। जो काम अब तक मेम्बरों के माध्यम से हो जाते थे अब नहीं होंगे। केंट में ६ साल के अधिकारी राज के बाद वर्ष २००९ में चुनाव हुए थे जिसके पांच साल बाद २०१५ में चुनाव हुए। २०२० में कार्यकाल खत्म होने के पूर्व ६.६ माह का दो बार एक्सटेंशन मेम्बरों को मिला। १० फरवरी २०२१ को यह कार्यकाल समाप्त हो गया। बोर्ड मुख्यालय ने केंट बोर्ड को भंग करने का आदेश भेज दिया था। अब करीब साल भर चुनावों की उम्मीद नहीं है लिहाजा तब तक केंट क्षेत्र के ८ वार्ड की जनता को अपनी हर छोटी.बड़ी समस्या के लिए अधिकारियों के भरोसे रहना होगा।
सही सेवा तो अब शुरू होगी
लगातार १२ साल तक केंट बोर्ड में उपाध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले अभिषेक चौकसे चिन्टू कहते हैं कि पद पर रहकर सेवा करना आसान है मगर हमारी असली सेवा तो अब शुरू होगी। जिस जनता ने हम पर भरोसा जताकर हमें चुनकर भेजा हम उन्हें परेशान नहीं होने देंगे और उनकी समस्याओं के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने अपनी उपलब्धियों के विषय में बताते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, वरिष्ठ नागरिक, विधवा माताओं बहनों के लिए भरसक काम किए। जहां खिलाड़ियों के लिए व्यवस्थाएं सुविधाएं जुटाईं वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए भवन बनवाया। शिक्षित महिलाओं को पढ़ाने का अवसर दियाएकम शिक्षित युवाओं को सिक्यूरिटी गार्ड के काम दिलवाए। खंबताल का सौंदर्यीकरण करवाया। इस तरह बहुत से काम किए हैं।
केंट बोर्ड की कमान अब अधिकारियों के हाथ आई, जन प्रतिनिधयों का कार्यकाल खत्म