जबलपुर, शहर की जर्जर हो चुकी सड़कों को अब धीरे-धीरे स्मार्ट सड़कों में बदला जा रहा है। इसके लिए स्मार्ट सिटी ने जिन सड़कों का चयन किया है, इनमें अधारताल से महाराजपुर के बीच की मुख्य सड़क शामिल है। यह फोरलेन सीमेंट सड़क होगी, जिसकी लंबाई तकरीबन साढ़े चार किमी है। इतना ही नहीं स्मार्ट सिटी ने इस सड़क को बनाने में हर उस बात का विशेष ध्यान रखा है, जो इसे स्मार्ट सड़क का दर्जा दिलाएगी। इसमें सड़क के दोनों ओर फुटपाथ होगा। सड़क के बीच डिवाइडर होगा, जिसमें लाइट और पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही इस सड़क पर साइकिल ट्रैक भी बनाने की योजना हैए जो इसे दूसरी सड़कों से अलग रूप देगा।
१८ मीटर चौड़ी सड़क, २ मीटर का फुटपाथ
यह सड़क अधारताल के बिरसा मुंडा चौक से लेकर महाराजपुर बायपास तक जाएगी। यहां से यह सड़क पुराने बायपास से जुड़ेगी, जो वर्तमान में नागपुर-रीवा नए बायपास तक जाती है। इस फोरलेन सड़क की चौड़ाई तकरीबन १८ मीटर रखी गई है, जो दोनों ओर नौ-नौ मीटर की होगी। इसके साथ ही दो.दो मीटर का दोनों ओर फुटपाथ होगी। एक मीटर का डिवाइडर होगा यानी तकरीबन सभी को मिलाकर कुल २३ मीटर चौड़ी सड़क होगी।
३० करोड़ होंगे खर्च, टेंडर जारी
स्मार्ट सिटी ने इस सड़क को बनाने के लिए सभी कागजी काम पूरा कर लिया है। इसका टेंडर जारी कर लिया है। जल्द ही निजी एजेंसी को काम देकर वह वर्क आर्डर भी जारी कर देगा। स्मार्ट सिटी के मुताबिक संभावना है कि यह काम भी मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसे बनाने के लिए स्मार्ट सिटी लगभग ३० करोड़ रुपये खर्च करेगा। इतना ही नहीं इसकी समयावधि भी तय कर दी गई है। लगभग डेढ़ साल में साढ़े चार किमी लंबी स्मार्ट सड़क बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि यह संभावना हकीकत में बदलती है या नहीं इसका पता स्मार्ट सिटी के दूसरे कामों की सुस्त रफ्तार से ही लगाया जा सकता है।
१० साल बाद बनेगी सड़क, मिलेगी राहत
पिछले १० साल से इस सड़क को नहीं बनाया गया है। वर्तमान में यह सड़क सिंगल लाइन है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति यह है कि दो पहिया वाहनों के चलने लायक भी नहीं है। बारिश के वक्त इस सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क खराब होने की वजह से वाहन सड़क के दोनों ओर से निकलते है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। नगर निगम की सीमा में आने से पहले यह सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग में आती थी, जिस वजह से इस सड़क को बनाने या मरम्मत करने को लेकर दोनों विभाग के बीच विवाद चलता था।
इनका कहना है
अधारताल से महाराजपुर बायपास तक तकरीबन साढ़े चार किमी लंबी सीसी फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इसे स्मार्ट सिटी बनाएगा, जिस पर लगभग ३० करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका टेंडर जारी हो गया है। मार्च अंत तक काम हो जाएगा।
. अनूप कुमार, कमिश्नर नगर निगम
इस सड़क का टेंडर जारी हो गया है, जल्द ही निजी एजेंसी को इसका काम सौंप दिया जाएगा। इस सड़क को डेढ़ साल में बनाकर तैयार करना है। इसे स्मार्ट सड़क बनाने के लिए इसमें फुटपाथ, साइकिल ट्रैक आदि शामिल है।
आशीष पाठक, सीईओ स्मार्ट सिटी
अधारताल से महाराजपुर तक बनेगी मॉडल रोड जैसी सड़क, फुटपाथ के साथ साइकिल ट्रैक भी बनेगा