अहमदाबाद, कल भाजपा से इस्तीफा देने वाले सांसद मनसुख वसावा ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मुलाकात के बाद मान गए हैं. गांधीनगर में आज विजय रूपाणी और मनसुख वसावा के बीच करीब पौने घंटे बातचीत हुई. जिसमें मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद मनसुख वसावा ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में मनसुख वसावा ने कहा कि वह बतौर सांसद लोगों की सेवा करते रहेंगे. साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने न तो कोई राजनीतिक सौदेबाजी की है और न ही पार्टी पर दबाव बनाने का प्रयास किया है. वास्तव में मेरी गर्दन और कमर में तकलीफ की वजह से मैंने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया था. अपने इस्तीफे में इसका उल्लेख भी किया था. लेकिन पार्टी हाईकमांड ने मुझे बतार सांसद सेवा करने का आदेश दिया है, इसलिए मैंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के साथ मेरी कोई नाराजगी नहीं है, शारीरिक तकलीफों के कारण मेरे दोस्तों और परिजनों ने मुझे आराम करने की सलाह दी थी. वसावा कहा कि भरुच जिला और तहसील में मेरी ओर से कार्यकर्ता काम करते रहेंगे. फिलहाल डॉक्टर ने मुझे चार-पांच महीने आराम करने की सलाह दी है. मुख्यमंत्री के साथ बैठक में मुझे समझाया गया कि यदि वह सांसद बने रहेंगे तो सरकारी खर्च से उनका उपचार होता रहेगा. लेकिन संसद की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद यह संभव नहीं होगा. पार्टी ने मुझे दिल्ली में उपचार कराने की सलाह दी है. लव जेहाद के मुद्दे पर मिली धमकी को लेकर मनसुख वसावा ने बताया कि इसकी उन्होंने पुलिस को जानकारी दे दी है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही हैं. वसावा ने कहा कि वह मुस्लिम विरोधी नहीं हैं और कई मुस्लिम लोग भी लव जेहाद के खिलाफ कानून बनाने की मांग कर रहे हैं.
भाजपा सांसद मनसुख वसावा ने सीएम रुपाणी से भेंट के बाद इस्तीफा लिया वापस